'छोड़ दे सारी दुनिया' पंक्तियों का अबू सलेम को आखिरी खत, सलाखों के पीछे प्यार की कीमत चुकाने वाली अब कहां है Monica Bedi?
मोनिका बेदी की कहानी 90 के दशक की उस एक्ट्रेस की है, जिसने नॉर्वे से मुंबई आकर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई. ‘जोड़ी नंबर वन’ से उन्हें शोहरत मिली, लेकिन अबू सलेम से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. प्यार के नाम पर वह अंडरवर्ल्ड की दुनिया में फंसती चली गईं और जेल तक पहुंचीं. अपमान, अकेलापन और संघर्ष झेलने के बाद ‘बिग बॉस 2’ ने उन्हें नई पहचान दी. आज मोनिका बेदी अकेली जरूर हैं, लेकिन आत्मसम्मान और सुकून के साथ अपनी जिंदगी जी रही हैं.;
बॉलीवुड में 90 के दशक का दौर था और एक बीस साल की न्यूकमर फिल्म जगत में अपना कदम रखने के लिए तैयार हो रही थी. फिल्म थी 'सुरक्षा' जो राजू मरवानी के निर्देशन में बनी जिसमें कई स्टार्स थे. जैसे सुनील शेट्टी, सैफ अली खान, दिव्या दत्ता, आदित्य पंचोली और कादर खान. वहीं इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस थी मोनिका बेदी (Monica Bedi). जी हां, वहीं मोनिका जो नॉर्वे से मुंबई आई थी अपने दम पर एक्ट्रेस बनने. इसमें कोई दो राय नहीं कि उन्हें अपनी फिल्म उनके टैलेंट पर मिली. 1995 में जब मोनिका माता-पिता के साथ भारत घूमने आई तो उन्हें एहसास हो गया था कि उनकी मंजिल मुंबई में है. छुट्टियों के दौरान उन्होंने अपने पपा से जिद्द कर के डांस क्लास ज्वाइन किया मोनिका खुद बताती थी उन्हें डांस करना बेहद पसंद था. उन्होंने मुंबई में जाने-माने भारतीय नर्तक और एक्टर गोपी कृष्णा से कथक सीखना शुरू किया.
इस दौरान मोनिका की मुलाकात दिवगंत स्टार मनोज कुमार से हुई. उन दिनों वह अपने बेटे कुणाल कुमार के साथ मोनिका को लॉन्च करना चाहते थे. उन्होंने मोनिका को फिल्म ऑफर की लेकिन इसका फैसला वह अकेले नहीं ले सकती थी. मोनिका ने अपने पिता को फ़ोन किया और फिल्म करने की इजाजत मांगी चूंकि माता-पिता पहले ही समझ गए थे कि मोनिका ने अपना करियर चुन लिया है इसलिए उन्हें फिल्म करने की इजाजत दे दी. लेकिन मंजिल इतनी पास नहीं थी जितना मोनिका ने समझा. फिल्म भले ही ऑफर हो गई लेकिन उसे शुरू करने में एक साल का समय लग गया या यूं कहें तो फिल्म बन ही नहीं पाई. मोनिका की आंखों में रह गया तो सिर्फ इंतजार. लेकिन वह इस इंतजार में वापस अपने माता- पिता के पास नॉर्वे भी न जा सकी. अंत में एक्ट्रेस के पिता ने मनोज कुमार को फ़ोन लगा दिया और साफ कड़े शब्दों में कहा, 'अगर आपको फिल्म नहीं बनानी तो न सही मगर इस झंझट से मेरी बेटी को मुक्त कर दीजिए.
'जोड़ी नंबर वन' ने दी पहचान
हालांकि मोनिका ने वापस जाने और हार मानने के बीच में जो भी फिल्में मिली उसमें काम करना बेहतर समझा. जिसमें 'सुरक्षा' एक है उन्होंने हिंदी फिल्म से पहले तेलगु की 'ताजमहल में काम किया. लेकिन स्टारडम की पहचान अभी कोसो दूर थी. साल 2001 में उनकी दो मल्टीस्टारर फिल्म आई 'प्यार इश्क और मोहब्बत' दूसरी 'जोड़ी नंबर वन'. संजय दत्त के साथ मोनिका को काम करके नई पहचान मिली उनका 'जोड़ी नंबर वन' से गाना 'तेरी बिंदिया उड़ा के ले गई मेरी निंदिया' बेहद हिट रहा. मोनिका का करियर पटरी पर आ ही रहा था तभी उनकी मुलाकात एक ऐसे शख्स से हुई जिसने उनकी जिंदगी को क्या उनके करियर को जड़ से उखाड़ के फेंक दिया. वो आदमी कोई और नहीं बल्कि अबू सलेम था जो दाऊद इब्राहिम के लिए काम करता था.
Instagram: onlybollywoodmasti
दुबई में पहली मुलाकात
मोनिका और अबू सलेम की मुलकात साल 1998 में दुबई के शो के दौरान हुई. जहां एक्ट्रेस को शो के लिए दुबई बुलाया गया वहां अबू सालेम भी पहुंचा. फिल्मफेयर के मुताबिक, दोनों की मुलाकात सामान्य थी अबू ने अपने परिचय एक बिजनेमैन के तौर पर दिया. इस छोटी से मुलाकात के दौरान मोनिका को अंदाजा नहीं था अब वह अपनी जिंदगी के साथ क्या करने वाली है. वजह थी उनका अबू सालेम की असलियत से अनजान रहना. जब वह दुबई शो से लौटी तो, अबू सलेम ने मोनिका से फोन पर संपर्क बनाया. दोनों में दोस्ती बढ़ती गई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. 9 महीने तक अबू-मोनिका फोन के टच में रहे. फिल्मफेयर में छपे इंटरव्यू के मुताबिक, अबू मोनिका को हर आधे घंटे में फोन करते थे. दोनों तरफ से प्यार बढ़ता जा रहा था.
वो कौन था?
9 महीने के बाद मोनिका अबू से दुबई मिलने पहुंची. दोनों आम कपल की तरह घुमते, डिनर करते और बहुत सारा टाइम स्पेंड करते. मोनिका ने बताया था कि वह उन एक साल में यह कभी नहीं जान पाई की अबू जो खुद को एक बिजनेसमैन कहते है वह असल में कौन है?. एक बार मोनिका कार में थी अबू ने गाड़ी रोकी और एक शोरूम की तरफ इशारा करते हुए बताया कि वह उनका है. धीरे-धीरे मोनिका को कुछ चीजें अजीब लगने लगी जैसे अबू के साथ बहुत सारे गार्ड्स का होना. अबू मोनिका को अपनी निजी जिंदगी के बारें में कम ही बताता था सिवाय इसके की वह शादीशुदा है और उनका तलाक चल रहा था.
अमेरिका में बसने का इरादा
मोनिका बीच-बीच में भारत आती जाती रही और इंडस्ट्री में इस बात की हलचल हो चुकी थी कि वह दुबई में किससे छुपछुपकर मिलती है. फिर एक समय आया जब अबू ने मोनिका को अमेरिका आकर उनके साथ रहने के लिए कहा. मोनिका जो खुद मानती थी वह और अबू एक दूसरे से सच्चा प्यार करते थे इसलिए वह सब छोड़कर अमेरिका चली गई. अबू जो 1993 में मुंबई बम धमाके के मुख्य आरोपी थे और फरार चल रहे थे. ऐसे में उन्होंने अमेरिका रहने का इरादा किया. लेकिन एक कहावत है कानून के लंबे हाथों से और अपने गुनाहों से कभी कोई बच नहीं पाया.
Instagram: onlybollywoodmasti
अबू के साथ लिवइन-रिलेशनशिप
मोनिका प्यार में अमेरिका चली गई और लिवइन-रिलेशनशिप में अबू के साथ रही. जब उन्हें पता चला कि अबू फरार चल रहे है तो वह जान गई थी अब वह भारत नहीं लौट पाएंगी. मोनिका के पैसे पासपोर्ट अन्य जरुरी डॉक्युमेंट अबू के कब्जे में थे. मोनिका ने कई बार भागने की कोशिश की लेकिन वह ऐसा करने कामयाब नहीं हो पाई क्योंकि अबू इतना शातिर अपराधी था कि वह मोनिका को कहीं से भी ढूंढ लेता. अबू जनता था कि अगर मोनिका भारत गई तो पुलिस को उस तक पहुंचने का रास्ता आसानी से मिल जाएगा.
हम दोनों प्यार में थे
मोनिका ने बताया था कि 'मैं इस बात से कभी इंकार नहीं कर सकती वह मुझसे बहुत प्यार करता था' लेकिन वह दिन पर दिन चिड़चिड़ा होता जा रहा था. हमारा साथ रहना मुश्किल हो गया था. जब-जब मैं उसे छोड़कर जाती वह फोन पर रोता और मुझे वापस बुलाता. वह मुझसे वादा करता कि यह सब छोड़कर एक समान्य जीवन बिताना चाहता है. उसने मेरा कोई किडनैप नहीं किया था लेकिन प्यार में मैं भी थी और उसके पास वापस चली जाती थी. सिर्फ इतना ही नहीं मोनिका ने बताया कि लोगों ने उन्हें लालची महिला के तौर पर देखा कि वह पैसों के लिए अबू के साथ है. लेकिन ऐसा नहीं था, 'मैं उसके साथ दर-दर भटकती रही. मैंने जो सुख अपने माता-पिता के साथ और अपनी कमाई पर पाया वो अबू के साथ नहीं मिला.
गिरफ्तार होते ही आई जान में जान
साल आया 2002 जब मोनिका सुर्ख़ियों में आ गई उन्हें अबू सलेम के साथ जाली पासपोर्ट के साथ पुर्तगाल में प्रवेश करने के दौरान गिरफ्तार किया गया. मोनिका कहती है वह उस गिरफ्तारी से बहुत खुश थी क्योंकि उनके मन में इस दलदल से निकलकर भारत जाने की उम्मीद थी. लेकिन यह इतना आसान नहीं था गिरफ्तार होने के बाद मोनिका को अबू की चार्ज शीट पढ़ाई गई. जिसमें कई हत्या, बम ब्लास्ट, फिरौती और अन्य आरोप शामिल थे. उस चार्ज शीट को पढ़ने के बाद मोनिका का दिल दहल गया. वह फैसला ले चुकी थी कि वह कभी अबू से कोई रिश्ता नहीं रखेंगी. लेकिन उनके दिल में यह भी था की अबू उन्हें मानाने भी आएंगे. उन्हें पुर्तगाल में 3 साल की सजा हुई. जब नॉर्वे से उनके माता-पिता पुर्तगाल के जेल में मिलने आए तो वह टूट गई. उन्हें एहसास हुआ कि आखिर यह उन्होंने क्या कर दिया.
ANI
खत में वो चंद पंक्तियां
पहले मोनिका ने 3 साल सजा पुर्तगाल की जेल में काटी फिर उन्हें साल 2005 में चार्टेड प्लेन से भारत लाया गया. उन्होंने एक ऐसे गुनाह की सजा काटी जो उन्होंने कभी नहीं की थी. पुर्तगाल की जेल से निकलने से पहले समय आ गया था अबू से रिश्ता खत्म करने को. उन्होंने जेल से अबू को एक लैटर लिखा जिसमें टूटे दिल के साथ लिखने लिए कोई शब्द न थे सिर्फ थी तो 'सरस्वतीचंद्र' फिल्म के गाने की कुछ पंक्तियां 'छोड़ दें सारी दुनिया किसी के लिए यह मुनासिब नहीं आदमी के लिए प्यार से भी जरुरी कई काम है, प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए.'.
अबू सलेम से आखिरी अलविदा
मोनिका का आखिरी जिक्र अबू को लेकर था कि जब वह दोनों चार्टेड प्लेन से उतरे तो दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा. अबू ने उन्हें दूर से हाथ 'हाय' कहा मोनिका शांत खड़ी रही बिना किसी जवाब के उन्होंने अबू की तरफ से मुंह फेर लिया था. मेरे लिए यह बेहद दुखद पल था मेरे मन में था कि अबू अब आगे नहीं बढ़ सकती तुम्हारे साथ इसलिए अलविदा.' मोनिका हैदराबाद की जेल में रही तो अबू उनके लिए लैटर और फूल भेजते रहे. लेकिन मोनिका से उन्हें कोई जवाब नहीं दिया अबू ने भी समय के साथ स्वीकार कर लिया था कि मोनिका उनके जीवन का हिस्सा नहीं रही.
ANI
अपमान की आग
2007 में मोनिका को जमानत मिल गई इस शर्त पर की उन्हें पंजाब में रहना होगा लेकिन ऐसा मुमकिन नहीं था. वह और कैदियों की तरह जीवन नहीं बिताना चाहती थी उन्होंने मुंबई रहने और काम करने की इजाजत मांगी कोर्ट से. उन्हें इजाजत तो मिल गई लेकिन इंडस्ट्री ने मोनिका के लिए दरवाजे बंद कर दिए थे. उन्हें काम तो क्या छत मिलना भी मुश्किल हो गया था. मुंबई में जहां उन्होंने काम कर के नाम कमाया उसी शहर में उन्हें घर-घर भटकना पड़ा. रातो-रात उनसे घर खाली करा लिया जाता था. वह मोनिका की जिंदगी में अपमानित भरे दिनों में से एक था.
'बिग बॉस' 2 ने बदल दी जिंदगी
साल 2008 में मोनिका को 'बिग बॉस' 2 ऑफर हुआ. जिसके लिए उन्हें अच्छी खासी अमाउंट मिली. वह 'बिग बॉस' विनर तो नहीं बनी लेकिन फिनाले तक शो का हिस्सा रही. उनकी नजदीकियां राहुल महाजन से बढ़ी. लेकिन मोनिका ने उस शो में अपना दर्द हर किसी से बयां किया वो सारी सच्चाई बताई जिसके लिए उन्हें प्यार की कीमत चुकानी पड़ी. मोनिका टूट के रो पड़ी. मोनिका ने माना अफ़सोस से ज्यादा वह पश्यताप कर सकती थी और उन्होंने किया भी. शो से बाहर आने के बाद उन्होने मुंबई में अपना फ्लैट खरीदा. जिंदगी और इंडस्ट्री उनसे ज्यादा दिन मायूस न रह सकी और संजय लीला भंसाली ने उन्हें अपना पहला टीवी शो ऑफर किया 'सरस्वतीचंद्र'. जिसमें मोनिका निगेटिव रोल में दिखाई दी और उसी के लिए सबसे ज्यादा अवार्ड पाए. मोनिका मुंबई में रहती है अपना खुद का सैलून चलाती है और कई सारे इवेंट्स में वह बतौर गेस्ट जाती है. कथित तौर से अबू सलेम की से शादीशुदा होने के बाद एक्ट्रेस ने दूसरी शादी नहीं की. मोनिका 50 की उम्र में अकेले है लेकिन खुश है.