Divya Bharti को आज भी साजिद नाडियावाला के बच्चे कहते हैं 'बड़ी मां', नहीं सुनी थी पिता की चेतावनी

( Image Source:  IMDB )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 25 Feb 2026 6:10 AM IST

बॉलीवुड की दुनिया में ढेर सारी प्रेम कहानियां हैं, लेकिन दिव्या भारती (Divya Bharti) और साजिद नाडियाडवाला की कहानी इतनी इमोशनल, इतनी दर्द भरी और इतनी अनोखी है कि आज भी सुनकर आंखें नम हो जाती हैं. ये एक ऐसी लव स्टोरी है जिसमें पहली नजर का प्यार था, गुप्त शादी थी, परिवार का विरोध था, और फिर अचानक एक बड़ा दुख. 

दिव्या भारती 1990 के दशक की शुरुआत में बॉलीवुड की सबसे उबरते सितारों में से एक थीं. जो अपनी खूबसूरती, टैलेंट और पॉपुलर्टी की तेज़ रफ़्तार के लिए जानी जाती थी. 25 फ़रवरी, 1974 को मुंबई, भारत में जन्मी दिव्या भारती ने यंग ऐज में ही फ़िल्म इंडस्ट्री में एंट्री कर लिया और जल्द ही सनसनी बन गईं. आज वह हमारे बीच होती तो अपना 52वां बर्थडे सेलेब्रटी करती. हालांकि, 5 अप्रैल, 1993 को 19 वर्ष की उम्र में उनके अचानक निधन ने रहस्य और अटकलों में डूबी एक विरासत को पीछे छोड़ दिया.

पहली मुलाकात और प्यार की शुरुआत

1991-92 के आसपास की बात है. दिव्या भारती उस समय एक उभरती हुई हीरोइन थीं. वो फिल्म 'शोला और शबनम' की शूटिंग कर रही थीं, जिसमें उनके साथ गोविंदा हीरो थे. साजिद नाडियाडवाला एक प्रोड्यूसर थे और गोविंदा से मिलने के लिए वो सेट पर आया करते थे. एक दिन सेट पर दिव्या से उनकी मुलाकात हुई. खबरों के मुताबिक, साजिद को पहली नजर में ही दिव्या से प्यार हो गया. दिव्या भी उनसे इंप्रेस हो गईं. धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और वो प्यार में बदल गई. दोनों काफी समय साथ बिताने लगे, बातें करने लगे और एक-दूसरे के करीब आ गए. वहीं 18 की उम्र की शादी करने फैसला दिव्या ने इसलिए भी लिया था क्योंकि स्टारडम के शिखर पर उनका नाम कई एक्टर्स से जुड़ा. उन्होंने अफवाहों पर विराम लगाने के लिए साजिद नाडियावाला से शादी कर ली. चूंकि साजिद मुस्लिम थे इसलिए दिव्या ने इस्लाम कबूल किया और बन गई सना नाडियावाला. 

शादी का फैसला और प्राइवेट निकाह

दिव्या की उम्र तब भी बहुत कम थी वो बस 18 साल होने वाली थीं. लेकिन दोनों ने फैसला कर लिया कि शादी कर लेंगे. दिव्या हिंदू परिवार से थीं पिता पंजाबी, मां महाराष्ट्रीयन साजिद मुस्लिम थे. दिव्या के पिता ओम प्रकाश भारती इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे. वह नहीं चाहते थे की दिव्या किसी प्रोड्यूसर से रिलेशनशिप में रहे. दिव्या की मां मीता भारती को साजिद अच्छे लगते थे, लेकिन पिता की वजह से घर में बात नहीं बन रही थी. उस समय दिव्या का करियर चरम पर था. फिल्में जैसे 'दिवाना', 'शोला और शबनम', 'विश्वात्मा' हिट हो रही थीं. शादी की खबर फैलती तो करियर पर असर पड़ सकता था, क्योंकि 90 के दशक में शादीशुदा हीरोइनों को कम रोल मिलते थे. इसलिए दिव्या ने 18 साल होते ही शादी करने का मन बना लिया. 10 मई 1992 को साजिद के वर्सोवा स्थित घर में एक बहुत छोटा-सा निकाह हुआ. सिर्फ एक काजी, दिव्या की हेयरड्रेसर संध्या और उसके पति गवाह बने. दिव्या ने इस्लाम कबूल किया और नाम बदलकर सना नाडियाडवाला रख लिया. शादी के बाद भी दिव्या अपने मायके में ही रहीं, जैसे कुछ हुआ ही नहीं. वो कभी-कभार साजिद से मिलतीं, लेकिन बाहर से सब कुछ नॉर्मल लगता था. पिता को बिल्कुल पता नहीं था. 

मां को पता था, लेकिन पिता को नहीं

दिव्या की मां मीता भारती ने एक पुराने इंटरव्यू बॉलीवुड हंगामा में खुद बताया था, 'साजिद गोविंदा से मिलने सेट पर आते थे, वहीं दिव्या से मुलाकात हुई. उसी दिन दिव्या ने मुझसे पूछा मां, साजिद के बारे में आप क्या सोचती हैं?' मैंने कहा कि वो अच्छे हैं. कुछ दिनों बाद दिव्या ने कहा कि क्या वो साजिद से शादी कर सकती है. मैंने कहा कि पापा से पूछो लेकिन पापा इसके खिलाफ थे. उनके अपने विचार थे, वो मना कर देते थे. जब दिव्या 18 साल की हुईं, तो एक दिन उन्होंने मुझे फोन किया और कहा, 'मां, आज मैं साजिद से शादी कर रही हूं. तुम गवाह बनकर साइन कर दो.' मैंने कहा कि जब तक तुम पापा को नहीं बताओगी, मैं नहीं आ सकती. मां ने मना कर दिया, लेकिन दिव्या ने फिर भी शादी कर ली. शादी के बाद भी वो 4-5 महीने तक मायके में रहीं और पिता को कुछ पता नहीं चला.

बड़ा खुलासा दिवाली के दिन

शादी के कुछ महीने बाद, दिवाली के त्योहार पर साजिद दिव्या के घर गए. वो दिव्या के पिता से बात कर रहे थे. तभी साजिद ने साफ-साफ कहा, 'अंकल, मैं और दिव्या शादीशुदा हैं.' पिता एकदम स्तब्ध रह गए. उन्होंने कुछ कहा नहीं साजिद के जाने के बाद उन्होंने मीता से पूछा तुमने मुझे क्यों नहीं बताया?. मीता ने कहा, 'मैंने दिव्या से कहा था कि वो खुद बताए.' दो दिन तक पिता चुप रहे. तीसरे दिन उन्होंने कहा, 'चलो, साजिद को घर बुलाओ. अब जो हो गया, सो हो गया. शादी हो चुकी है, तो हमें इसे स्वीकार करना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए. पहले तो नाराजगी थी, लेकिन बाद में पिता ने भी रिश्ता मान लिया. 

दुखद अंत और साजिद का साथ

शादी के सिर्फ 11 महीने बाद, 5 अप्रैल 1993 को दिव्या मात्र 19 साल की उम्र में अपने अपार्टमेंट की बालकनी से गिरकर चल बसीं. मौत का कारण आज भी रहस्य है एक्सीडेंट माना गया, लेकिन कई सवाल अनसुलझे हैं. साजिद को बहुत सदमा लगा लेकिन उन्होंने दिव्या के परिवार को कभी नहीं छोड़ा. शादी के दिन से ही उन्होंने दिव्या के माता-पिता को अपना परिवार माना. दिव्या के जाने के बाद भी साजिद ने उनकी देखभाल की, जैसे बेटा करता है. ओम प्रकाश भारती और मीता भारती साजिद के जीवन का हिस्सा बने रहे. साल 2000 में साजिद ने पत्रकार वर्दा खान से शादी की. आज भी दिव्या का परिवार उनके साथ जुड़ा हुआ है. वर्दा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि दिव्या आज भी उनके जीवन में हैं, और उनके बच्चे दिव्या को 'बड़ी मां' कहते हैं. दिव्या और साजिद की कहानी छोटी थी, लेकिन इतनी गहरी कि आज भी दिल को छू जाती है. 

Similar News