44 साल बाद Rekha की जलनखोरी पर बोली Aruna Irani, फिल्म 'मंगलसूत्र' से कटवाए सीन फिर निकाला था फिल्म से बाहर
अरुणा ईरानी ने हालिया इंटरव्यू में बताया कि कैसे 1981 की फिल्म मंगलसूत्र से उन्हें हटा दिया गया था. इस फैसले के पीछे रेखा की सोच और उनकी दोस्ती की एक अनसुनी कहानी सामने आई.;
अरुणा ईरानी (Aruna Irani) एक बहुत बड़ी और अनुभवी हिंदी फिल्म एक्ट्रेस हैं. उन्होंने अपना करियर बहुत छोटी उम्र में, 1960 के दशक में शुरू किया था, जब वे अभी बच्ची ही थी. उनके फिल्मी सफर में कई अच्छे और मुश्किल समय आए, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और मुश्किलों को पार करती रही. हाल ही में एक इंटरव्यू में अरुणा ईरानी ने एक पुरानी घटना के बारे में बताया, जो 1981 की फिल्म 'मंगलसूत्र' से जुड़ी है. यह एक हॉरर और सस्पेंस वाली फिल्म थी, जिसका निर्देशन विजय बी ने किया था. लीड रोल में अनंत नाग और प्रेमा नारायण ने निभाई थी. अरुणा को इस फिल्म में दूसरी मुख्य भूमिका मिली थी, लेकिन बाद में उन्हें फिल्म से हटा दिया गया.
उन्होंने बताया कि उनकी बहुत अच्छी दोस्त रेखा जो 'उमराव जान' जैसी मशहूर फिल्मों के लिए जानी जाती हैं, ने उनके कुछ सीन कटवा दिए थे और उन्हें फिल्म से निकलवाया था. अरुणा ने कहा कि वे रेखा से बहुत प्यार करती थीं और हैं भी, इसलिए उन्होंने इस बात को दिल पर नहीं लिया. जब उन्हें पता चला कि उन्हें क्यों निकाला गया, तो वे सीधे रेखा के पास गईं और पूछा, 'तुमने मुझे फिल्म से क्यों निकाल दिया? रेखा ने जवाब दिया कि रोल बहुत चलैंगिंग था. अगर अरुणा ने उस रोल को बहुत अच्छे से निभाया और ज्यादा इमोशनल कर दिया, तो रेखा खुद फिल्म में खलनायिका जैसी लगने लगेंगी.
फिल्म 'मंगलसूत्र' से क्यों हटाई गईं अरुणा ईरानी?
रेखा ने कहा, 'बहन, अगर तुमने रोल बहुत अच्छा किया तो मैं वैम्प जैसी दिखूंगी. इसलिए मैंने ऐसा किया.' फिर उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें अरुणा को सीधे बताने की हिम्मत नहीं हुई, इसलिए उन्होंने प्रोड्यूसर से कहकर काम करवाया. अरुणा ईरानी ने इस पूरे मामले को बहुत हल्के में लिया. उन्होंने कहा कि इसमें कोई बुरा नहीं हुआ. अच्छा हुआ कि वो फिल्म कभी रिलीज ही नहीं हुई. वे दोनों तेलुगु भाषा बोलती थीं, इसलिए फिल्म के सेट पर वे अपनी मातृभाषा में मजाक-मजाक करती थीं और बहुत अच्छा समय बिताती थी. उन्होंने कई फिल्मों में साथ काम किया है, जैसे 'नागिन' (1976), 'जानी दुश्मन' (1979) और 'बुलंदी' (2000)। उनकी दोस्ती कभी खराब नहीं हुई.
दोस्ती पर नहीं पड़ा कोई असर
अरुणा ईरानी के बारे में थोड़ा और जान लीजिए. वे बहुत सफल एक्ट्रेस रही हैं. उन्हें दो बार फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला है 'पेट प्यार और पाप' और 'बेटा' फिल्मों के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का. 2012 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी दिया गया. पिछले कई सालों से वे टीवी पर भी बहुत एक्टिव रही. उन्होंने 'मेहंदी तेरे नाम की', 'कहानी घर घर की', 'नागिन' और 'भाग्यलक्ष्मी' जैसे लोकप्रिय सीरियल में काम किया. आखिरी बार उन्हें 2025 में आई हिंदी ऐतिहासिक फिल्म 'केसरी वीर' में देखा गया था. अरुणा ईरानी ने हमेशा अपनी मेहनत और हिम्मत से करियर को आगे बढ़ाया और आज भी वे इंडस्ट्री में सम्मानित हैं.