कौन था कमांडर फारूख जो जिंदगीभर भारत के खिलाफ लड़ता रहा, अब 85 साल की उम्र में PoK में पाकिस्तानी फोर्स के हमले में मारा गया
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल पूर्व JKLF कमांडर फारूक की इलाज के दौरान मौत हो गई. जानिए कौन था कमांडर फारूक, पाकिस्तान सेना और JKLF से उसका क्या संबंध था, पूरी डिटेल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के पूर्व आतंकी कमांडर फारूक की मौत हो गई है. 85 वर्षीय फारूक इस्लामाबाद के एक अस्पताल में इलाज करा रहा था, जहां शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया.
बताया जा रहा है कि 28 जुलाई को रावलाकोट में प्रदर्शन के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर गोलीबारी की थी, जिसमें फारूक को गंभीर चोटें आई थीं.
कौन था कमांडर फारूक?
- स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, फारूक रावलाकोट के मंग इलाके का रहने वाला था. खुफिया और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि 1990 के दशक में जम्मू-कश्मीर में शुरू हुए आतंकवाद के शुरुआती दौर में वह भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा था.
- स्थानीय सूत्रों के अनुसार, फारूक ने सबसे पहले पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में सेवा दी थी. वह 1960 में SSG में शामिल हुआ था और 1988 में सेवानिवृत्त हुआ. इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) से जुड़ गया.
- बताया जाता है कि वह पहले यासीन मलिक के नेतृत्व में JKLF से जुड़ा और बाद में संगठन के लिए नए लोगों को ट्रेनिंग देने का काम करने लगा. उसने हिजबुल मुजाहिदीन के ट्रेनिंग सेंटर्स में भी भूमिका निभाई.
- रिपोर्टों के मुताबिक, 1990 के दशक में फारूक ने पूंछ डिवीजन में JKLF के एक ट्रेनिंग सेंटर की कमान संभाली थी. यह भी दावा किया जाता है कि उसने रावलाकोट स्थित एक प्रशिक्षण शिविर में करीब 7,000 JKLF आतंकियों को ट्रेनिंग दी थी.
- कमांडर फारूक को फारूक खान और फारूक सुधान के नाम से भी जाना जाता था. बताया जाता है कि 2003 के बाद उसने पूरी तरह JKLF की गतिविधियों में खुद को समर्पित कर दिया था और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में संगठन के नेतृत्व के साथ लगातार जुड़ा रहा.
- उसे JKLF का पूर्व बेस कमांडर और संगठन के संस्थापक अमानुल्लाह खान का करीबी सहयोगी भी बताया जाता है. सामने आई कुछ पुरानी तस्वीरों में वह अपने शुरुआती दिनों में पाकिस्तान सेना के जवानों के साथ और बाद में JKLF आतंकियों के साथ अलग-अलग स्थानों पर नजर आया है.
विरोध प्रदर्शन के दौरान कैसे हुआ घायल?
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, 28 जुलाई को रावलाकोट बस टर्मिनल के पास प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की. इसी दौरान फारूक गंभीर रूप से घायल हो गया था. इलाज के लिए उसे इस्लामाबाद ले जाया गया, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई.
PoJK में क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
JAAC और JKHRO के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 5 जून से विरोध प्रदर्शन जारी हैं. इन संगठनों का दावा है कि अब तक इस आंदोलन के दौरान 100 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है. प्रदर्शनकारी 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि पाकिस्तान इन सीटों का इस्तेमाल वहां के लोगों के जनादेश को प्रभावित करने के लिए करता है. इसके अलावा प्रदर्शनकारी सस्ती बिजली, सब्सिडी वाला गेहूं और अन्य बुनियादी अधिकारों की भी मांग कर रहे हैं.
ब्रिटेन तक पहुंचा विरोध?
PoJK में चल रहे इन प्रदर्शनों की गूंज अब विदेशों तक पहुंच गई है. गुरुवार को ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी समुदाय के लोगों ने लंदन के हाइड पार्क से पाकिस्तान हाई कमीशन तक मार्च निकाला. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना के खिलाफ "आजादी" के नारे लगाए. इससे पहले भी इसी महीने प्रवासी कश्मीरियों ने बड़े पैमाने पर विरोध मार्च निकाला था.




