मिडिल ईस्ट में अमेरिका का हाल बता रही ये तस्वीर, ईरान के हमले में ध्वस्त हुआ E-3 AWACS विमान
ईरान ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला कर E-3 AWACS विमान को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है. हमले में कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं.
28 फरवरी से जारी मीडिल ईस्ट की जंग दिनों दिन और भी भयावह होती जा रहा है. इसके साथ ही ये जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर बड़े पैमाने पर हमला कर एक अहम सैन्य विमान को पूरी तरह तबाह कर दिया है. इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह हमला अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किया गया, जिसमें मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में विमान का मलबा साफ दिख रहा है, जिससे नुकसान की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
क्या सच में सऊदी एयरबेस पर हमला हुआ है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाते हुए 6 बैलिस्टिक मिसाइल और 29 ड्रोन दागे. यह हमला सीधे अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर किया गया. हमले में अमेरिकी E-3 AWACS (एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान को भारी नुकसान पहुंचा. तस्वीरों में विमान का ढांचा पूरी तरह तबाह होता दिख रहा है, सिर्फ आगे और पीछे का हिस्सा बचा है.
हमले में कितना नुकसान हुआ?
शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है. इसके अलावा कई रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. इस पूरे हमले पर अभी तक अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है.
यह हमला किस युद्ध का हिस्सा है?
यह हमला उस संघर्ष का हिस्सा है जो 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा है. इस जंग में दोनों तरफ से लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं. हालात अब और बिगड़ते दिख रहे हैं. यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल पर मिसाइल दागी है, जबकि ईरान ने अमेरिकी और इजरायली संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी है.
ईरान में क्या हालात हैं?
तेहरान और अन्य शहरों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं. कई नागरिक हताहत हुए हैं और रिहायशी इलाकों के साथ-साथ पानी जैसी जरूरी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है. ईरान ने दावा किया है कि उसने हाइफा में इजरायली रक्षा कंपनी के रडार सेंटर और बेन गुरियन एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज को निशाना बनाया.




