2008 के बाद हुए पैदा तो नहीं कर पाएंगे स्मोकिंग, क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
ब्रिटेन ने तंबाकू बैन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है. नए कानून के तहत अब 2008 के बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए तंबाकू खरीदना पूरी तरह बैन कर दिया गया है.
UK Smoking
यूनाइटेड किंगडम (UK) ने तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नया कानून पारित किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए धूम्रपान को लगभग समाप्त करने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है. इस कानून के तहत 2008 के बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए तंबाकू खरीदना पूरी तरह बैन कर दिया गया है, यह प्रावधान तंबाकू और वेप्स विधेयक का सबसे अहम हिस्सा है. इस नीति के जरिए ब्रिटेन तंबाकू को केवल नियंत्रित नहीं कर रहा, बल्कि इसे धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रहा है.
क्या है नया नियम?
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का जन्म 1 जनवरी 2009 या उसके बाद हुआ है, तो उसे कभी भी तंबाकू उत्पाद खरीदने की कानूनी अनुमति नहीं मिलेगी. हालांकि, जो लोग पहले से सिगरेट खरीदने के पात्र हैं, उनके अधिकारों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हर साल कानूनी उम्र सीमा बढ़ाई जाएगी, जिससे नई पीढ़ी के लिए तंबाकू की पहुंच धीरे-धीरे खत्म होती जाएगी. यह नियम इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड पूरे यूनाइटेड किंगडम में लागू होगा.
इस विधेयक को पारित होने में लंबा समय लगा. इसका प्रारंभिक मसौदा नवंबर 2024 में पेश किया गया था. इसके बाद हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में विस्तृत चर्चा और संशोधनों के बाद इसे मंजूरी मिली. अब इसे शाही स्वीकृति (Royal Assent) मिलने के बाद आधिकारिक कानून का दर्जा मिल चुका है.
कब लागू होगा ये नियम?
इस कानून के प्रमुख प्रावधान 2027 से प्रभावी होंगे, जब आयु-आधारित प्रतिबंध लागू किया जाएगा. ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने इसे एक ऐतिहासिक पल बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को जीवनभर की लत और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जा सकेगा.
ब्रिटेन ने क्यों लिया फैसला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, धूम्रपान ब्रिटेन में रोकी जा सकने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है. केवल इंग्लैंड में ही हर साल करीब 64,000 लोगों की मौत इससे होती है, जबकि लाखों लोग धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों के कारण अस्पतालों में भर्ती होते हैं. एनएचएस को धूम्रपान से संबंधित बीमारियों के इलाज पर हर साल लगभग 3 अरब पाउंड खर्च करने पड़ते हैं, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है. यह कानून केवल सिगरेट तक सीमित नहीं है. इसके तहत वेपिंग और अन्य निकोटीन उत्पादों पर भी सख्त नियंत्रण लगाया जाएगा, खासकर बच्चों और किशोरों को ध्यान में रखते हुए.
वेप्स के विज्ञापन, फ्लेवर और ब्रांडिंग पर कड़े नियम लागू होंगे, ताकि युवाओं को इनकी ओर आकर्षित होने से रोका जा सके. स्कूलों, खेल मैदानों और अस्पतालों के आसपास धूम्रपान और वेपिंग-मुक्त क्षेत्रों का विस्तार किया जाएगा.
क्या है ब्रिटेन का प्लान?
ब्रिटेन सरकार का प्लान है कि धूम्रपान-मुक्त पीढ़ी की अवधारणा के तहत तंबाकू पर अचानक बैन लगाने के बजाय इसे धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा. यदि किसी का जन्म 2009 में हुआ है, तो वह कभी भी तंबाकू खरीदने की कानूनी उम्र तक नहीं पहुंचेगा. इस तरह हर साल नई पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखा जाएगा और समय के साथ धूम्रपान करने वालों की संख्या में कमी आएगी.
कौन से लोग खरीदते रहेंगे तंबाकू?
इस कानून में व्यक्तिगत धूम्रपान को अपराध नहीं माना गया है. जो लोग पहले से तंबाकू खरीद सकते हैं, वे ऐसा करते रहेंगे. मुख्य जिम्मेदारी विक्रेताओं पर डाली गई है, और अवैध बिक्री के लिए सख्त दंड का प्रावधान किया गया है. सरकार को तंबाकू उत्पादों की पैकेजिंग, बिक्री और लाइसेंसिंग को नियंत्रित करने के अधिक अधिकार दिए गए हैं.




