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महिला आरक्षण बिल का संसद में गिरना क्या विपक्ष को भारी पड़ेगा या सत्ता पक्ष के लिए बनेगा बड़ा हथियार? जानिए शरद कोहली से

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Interview with Sharad Kohli on Women Reservation Bill Defeat | Big Political Mistake by Opposition?
संजीव चौहान
By: संजीव चौहान

Published on: 23 April 2026 11:27 PM

महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर संसद में पेश हुआ नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ एक विधायी प्रस्ताव नहीं रहा, बल्कि इसने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. यह बिल संसद में पास नहीं हो सका, लेकिन इसके असर आने वाले चुनावों तक देखने को मिल सकते हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह से विपक्ष ने इस बिल को गिराने के बाद अपनी ‘जीत’ के रूप में पेश किया, वह भविष्य में उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. खासकर तब, जब सत्ताधारी दल इस मुद्दे को चुनावी नैरेटिव में बदलकर जनता के बीच ले जाए. इसी मुद्दे पर स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर (इनवेस्टिगेशन) संजीव चौहान ने मशहूर अर्थशास्त्री और राजनीतिक विश्लेषक डॉ. शरद कोहली से खास बातचीत की. इस बातचीत में डॉ. कोहली ने महिला आरक्षण और परिसीमन के पीछे छिपे राजनीतिक समीकरणों को विस्तार से समझाया. डॉ. कोहली के मुताबिक, यह बिल सिर्फ महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए सीटों के पुनर्गठन (परिसीमन) का बड़ा खेल भी जुड़ा हुआ है/ उन्होंने बताया कि अगर यह बिल लागू होता है, तो इसके साथ प्रशासनिक और चुनावी ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.