UAE भी अखंड भारत का हिस्सा! संयुक्त अरब ने वापस मांगा कर्जा तो सामने आई पाकिस्तान की असलियत, क्या-क्या बोला ये पाकिस्तानी?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा अपना कर्ज वापस मांगने के मुद्दे पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. इसी दौरान Mushahid Hussain Syed का एक बयान चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने कहा कि UAE जैसे देशों के साथ पाकिस्तान के ऐतिहासिक और सामरिक रिश्ते रहे हैं.
पाकिस्तान और UAE के बीच रिश्तों में उस वक्त खटास नजर आई, जब UAE ने अपना कर्ज वापस मांगना शुरू किया. इसके बाद पाकिस्तान के कुछ नेताओं के बयान अचानक आक्रामक हो गए और उन्होंने खुलेआम UAE पर तंज कसना शुरू कर दिया. इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा मुशाहिद हुसैन के बयान की हो रही है, जिन्होंने एक टीवी डिबेट के दौरान UAE को लेकर ऐसे शब्द कहे, जिसने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी.
UAE ने कर्ज मांगा तो पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तानी सीनेटर मुशाहिद हुसैन ने कहा कि 'मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान सरकार ने UAE के कर्ज को चुकाने का फैसला किया है.' लेकिन इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'यूएई में हमारे भाईयों को पैसों की सख्त जरूरत है, इसलिए उन्हें पैसा वापस करना बिल्कुल सही है.' यानी एक तरफ कर्ज लौटाने की बात, तो दूसरी तरफ UAE को 'पैसों की जरूरत वाला देश' बताकर मजाक उड़ाया गया.
क्या सच में पाकिस्तान खुद को UAE का 'बड़ा भाई' मानता है?
मुशाहिद हुसैन ने अपने बयान में दावा किया कि पाकिस्तान ने UAE की स्थापना और विकास में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि 'हमने हमेशा यूएई की मदद की है. उस देश को बनाने में पाकिस्तान की भूमिका रही है. उनकी सेना को प्रशिक्षण देने में भी हमने योगदान दिया है.' इस बयान के जरिए उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि UAE पर पाकिस्तान का एहसान है.
'अखंड भारत' का जिक्र क्यों आया?
सबसे विवादित बयान तब आया जब मुशाहिद हुसैन ने UAE को भारत से जोड़ते हुए कहा कि भविष्य में यह देश 'अखंड भारत' का हिस्सा बन सकता है. उन्होंने कहा कि UAE की आबादी का बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का है और इसी आधार पर उन्होंने यह दावा किया कि भारत की 'विस्तारित सोच' में खाड़ी देश भी शामिल हो सकते हैं.
क्या भारत का नाम लेकर UAE पर दबाव बनाने की कोशिश?
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान UAE और भारत के बढ़ते रिश्तों को देखते हुए दिया गया. मुशाहिद हुसैन ने यह भी इशारा दिया कि अबू धाबी पर नई दिल्ली का प्रभाव बढ़ रहा है और इसी संदर्भ में उन्होंने 'अखंड भारत' जैसी बात कही.
क्या यह बयान पाकिस्तान की कूटनीतिक परेशानी दिखाता है?
UAE से कर्ज लेने और उसे समय पर न चुका पाने के बाद पाकिस्तान पहले ही आर्थिक दबाव में है. ऐसे में जब UAE ने पैसा वापस मांगा, तो पाकिस्तान के नेताओं की भाषा में अचानक तल्खी दिखने लगी. यह पूरा मामला दिखाता है कि आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान की कूटनीति किस तरह असहज स्थिति में पहुंच गई है.
मुशाहिद हुसैन कौन?
Mushahid Hussain Syed पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनेता, पत्रकार और नीति-विश्लेषक हैं. उनका पूरा नाम मुशाहिद हुसैन सैयद है और वे पाकिस्तान की राजनीति में एक प्रभावशाली आवाज़ माने जाते हैं. वे Pakistan Muslim League (N) (PML-N) से जुड़े रहे हैं और कई बार सीनेटर भी चुने गए हैं. मुशाहिद हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी और बाद में राजनीति में आए. वे पाकिस्तान के सूचना मंत्री (Information Minister) भी रह चुके हैं.
इसके अलावा, वे विदेश नीति, भारत-पाक संबंध और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं. वे अक्सर टीवी डिबेट और वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष रखते हैं. भारत, अमेरिका और चीन जैसे देशों पर उनके बयान कई बार चर्चा में रहते हैं, जिससे वे मीडिया में सुर्खियों में बने रहते हैं.




