यही रात अंतिम - यही रात भारी! सभ्यता होगी खत्म या कुर्बानियों से बुलंद रहेगा ईरान?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव में डोनाल्ड ट्रम्प के बयान और होर्मुज़ संकट ने हालात को चरम पर पहुंचा दिया है. क्या यह सभ्यता का अंत होगा या संघर्ष से नई दिशा निकलेगी?
दुनिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ी है, जहां एक-एक शब्द केवल बयान भर नहीं, बल्कि विश्व भर में तनाव को बढ़ावा दे रही हैं. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच टकराव चरम पर पहुंच चुका है. इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प के तीखे बयानों ने हालात को और अधिक विस्फोटक बना दिया है. ट्रुथ पर किए गए अपने हालिया पोस्ट में उन्होंने ईरान की मौजूदा स्थिति को “एक सभ्यता के अंत” तक की चेतावनी से जोड़ दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है.
दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए, देश की संप्रभुता और आत्मरक्षा को लेकर साफ और सख्त संदेश दिया है. दोनों पक्षों के बयान से न केवल सियासी तनाव का प्रतीक बताया, बल्कि संभावित विनाश की आशंका को भी गहरा करते हैं. स्ट्रेट आफ होर्मुज, सैन्य धमकियां और राजनीतिक अल्टीमेटम के बीच पूरी दुनिया की नजर अब इस संकट के अगले कदम पर टिकी हुई है.
ट्रंप ने अब तक क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 7 अप्रैल को ट्रुथ पर अपने एक पोस्ट में लिखा है कि तल्ख और चेतावनी भरे लहजे में लिखा, “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा.” उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन परिस्थितियां, इसी दिशा में जाती दिख रही हैं. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद अब “ज्यादा समझदार और कम कट्टरपंथी सोच” वाले लोगों प्रभाव में हैं, जिससे “कुछ क्रांतिकारी और अद्भुत” भी हो सकता है.
ईरान के लोगों के की ये कामना
ट्रंप इसे दुनिया के सबसे निर्णायक क्षणों में से एक बताया और 47 वर्षों के “भ्रष्टाचार, जबरदस्ती वसूली और मौत के सिलसिले” के अंत की बात कही. अंत में उन्होंने ईरान के लोगों के लिए “ईश्वर की कृपा” की कामना की.
समझौता न होने पर पावर प्लांट डे और ब्रिज डे के लिए रहें तैयार
इससे पहले 6 और 7 अप्रैल 2026 को ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए एक सख्त समय सीमा यानी मंगलवार - 7 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे - तय किया था. ऐसा करते समय उन्होंने चेताया था कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के बुनियादी ढांचे पर गंभीर कार्रवाई हो सकती है, जिसे उन्होंने “पावर प्लांट डे और ब्रिज डे” जैसा नाम दिया.
5 अप्रैल को ट्रुथ पर ट्रम्प ने कहा था, “होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खोला जाए वरना गंभीर परिणाम होंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को “एक रात में खत्म किया जा सकता है” और यहां तक संकेत दिया कि तेल संसाधनों पर नियंत्रण पर भी विचार हो सकता है. युद्ध अपराधों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी “कोई चिंता नहीं” है.
साथ ही उन्होंने एक बचाव अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि दुश्मन क्षेत्र में गिरे एक F-15 पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया. ट्रम्प ने ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई को आसान निशाना बताते हुए कहा कि अभी उनके खिलाफ कार्रवाई टाली गई है, लेकिन चेतावनी दी कि “समझौता कर लो वरना सब खत्म हो जाएगा.”
मसूद पेजेशकियान पलटवार में क्या कहा?
140 लाख लोग जान देने के तैयार
ट्रंप के इन बयानों के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा, 'देश के 14 मिलियन से अधिक ईरानी देश की रक्षा के लिए जान देने को तैयार हैं. वह खुद भी देश के लिए जान देने को तैयारा हैं. उन्होंने X पर पोस्ट और एक ओपन लेटर में अमेरिका की नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि ईरान की कार्रवाई आत्मरक्षा में है, न कि आक्रामकता.
उन्होंने अमेरिकी जनता से अपील की कि वे “गलत सूचनाओं से आगे देखें” और समझें कि ईरान दुश्मन नहीं है, बल्कि उस पर अमेरिका-इजरायल द्वारा दबाव डाला जा रहा है.
पेजेशकियान ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायली खुफिया एजेंसी ने उनकी एक बैठक के दौरान हत्या की कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान को उसके जायज अधिकारों की मान्यता, मुआवजा और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी चाहिए.
किसने की पावर प्लांटों के पास इंसानी चेन बनाने की अपील?
इससे पहले ईरान के उप खेल मंत्री अलीरेजा रहीमी ने कलाकारों, खिलाड़ियों, छात्रों और युवाओं से अपील की है कि वे देशभर के पावर प्लांटों के आसपास इंसानी चेन बनाकर खड़े हों और यह संदेश दें कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमला “युद्ध अपराध” है. यह प्रदर्शन दोपहर 2 बजे आयोजित करने का आह्वान किया गया है, जिसमें ऊर्जा सुविधाओं को राष्ट्र की भविष्य संपत्ति बताया गया है.
बच्चों को सुरक्षा ड्यूटी पर भेजने की अपील?
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को चेकपॉइंट और सुरक्षा ड्यूटी पर भेजें. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त अल्टीमेटम जारी किया है और ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है.
ईरान ने एक दिन पहले सीजफायर प्रस्ताव को ठुकराते हुए युद्ध समाप्त करने की स्थायी गारंटी की मांग रखी है. होर्मुज में तेल शिपिंग बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पड़ोसी देशों को तब तक निशाना नहीं बनाएगा, जब तक वे हमला न करें, लेकिन बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को उन्होंने “असंभव सपना” बताया.
मिडिल ईस्ट वॉर अब तक क्या?
मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से जारी जंग में हजारों लोग जान गंवा चुके हैं. युद्ध के 39वें दिन यह बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता जा रहा है, जिसमें ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल के हफ्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल सप्लाई और सैन्य ठिकानों को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है. ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सख्त रुख अपनाया है. जबकि ईरान ने भी जवाबी बयान देते हुए किसी भी आक्रामक कार्रवाई का “कड़ा जवाब” देने की चेतावनी दी है.
इजरायल और ईरान के बीच साइबर हमलों और सीमित सैन्य कार्रवाइयों की रिपोर्ट्स ने हालात को और गंभीर बना दिया है. वहीं क्षेत्रीय देशों जैसे लेबनान, सीरिया और यमन में प्रॉक्सी ग्रुप्स की सक्रियता ने संघर्ष को कई देशों के अपनी आग की चपेट में ले लिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी इस तनाव को और हवा दी है, जिनमें उन्होंने ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अल्टीमेटम जैसी भाषा का इस्तेमाल किया है. दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने देश की रक्षा के लिए जनता की व्यापक तैयारियों को लेकर बड़ा दावा किया हे. यानी यह जग अब दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है, जहां हर दिन हालात नए मोड़ ले रहे हैं.




