सबकी ईरान जंग पर नजर, लेकिन हर रोज तिल-तिल मर रहा ये मुस्लिम देश, भुखमरी की कगार पर 80 लाख लोग
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण सूडान में करीब 80 लाख लोग भूख के गंभीर खतरे में हैं. जानें फूड इनसिक्योरिटी, कुपोषण, युद्ध और आर्थिक संकट से बिगड़ते हालात की पूरी जानकारी.
Sudan Condition: युनाइटेड नेशन्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण सूडान में करीब 80 लाख लोग गंभीर भूख के खतरे का सामना कर रहे हैं. संघर्ष और विस्थापन के कारण पहले से ही खराब मानवीय स्थिति और बिगड़ गई है.
मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आने वाले महीनों में 7.8 मिलियन लोग गंभीर फूड इनसिक्योरिटी का सामना करेंगे, जो देश की कुल आबादी का लगभग 56 प्रतिशत है.
संगठनों ने सुडान में खाने के संकट पर क्या कहा?
खाद्य और कृषि संगठन (FAO), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कदम उठाने की अपील की है. उन्होंने इसे “ऐसी मानवीय आपदा” बताया है, जिसे अगर अभी नहीं रोका गया तो हालात पूरी तरह से बेकाबू हो सकते हैं.
बच्चों में तेजी से फैल रहा कुपोषण?
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले छह महीनों में छह महीने से पांच साल तक के बच्चों में कुपोषण के मामलों में 1 लाख की बढ़ोतरी हुई है और अब यह संख्या 22 लाख तक पहुंच गई है. इनमें से करीब 7 लाख बच्चे ऐसे हैं, जिनकी जान को गंभीर खतरा है.
सुडान में किस वजह से खाने का संकट?
दक्षिण सूडान में जारी संघर्ष के कारण कई पोषण सेवाएं बंद हो गई हैं या प्रभावित हुई हैं, जिससे कुपोषण के मामलों में तेजी आई है. इसके अलावा, जरूरी सामान की कमी और पर्याप्त फंडिंग न होने के कारण लोगों तक जीवनरक्षक इलाज भी नहीं पहुंच पा रहा है. सूडान कई सालों से जंग में है. वहां की सेना सूडानी सशस्त्र बल - SAF और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) नामक अर्धसैनिक बल के साथ लगातार जंग जारी है.
दुनिया के सबसे नए देश दक्षिण सूडान में यह मानवीय संकट जातीय संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और पड़ोसी देश सूडान से फैल रहे संघर्ष के कारण और गंभीर हो गया है. दक्षिण सूडान ने 2011 में जनमत संग्रह के बाद सूडान से अलग होकर स्वतंत्रता हासिल की थी. देश की खराब होती आर्थिक स्थिति ने हालात को और बिगाड़ दिया है. दक्षिण सूडान दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक बना हुआ है.
कितने लोगों की गई जान?
2018 में हुए शांति समझौते के बावजूद, जिसमें करीब 4 लाख लोगों की जान गई थी, अब फिर से तनाव बढ़ रहा है. हाल के महीनों में सरकारी सेना साउथ सूडान पीपल्स डिफेंस फोर्स और विपक्षी समूहों के बीच झड़पें तेज हो गई हैं.
यह तनाव राष्ट्रपति सल्वा कीर मयारदित और निलंबित उपराष्ट्रपति रिएक माचार के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण है. माचार पर जुबा में हत्या, देशद्रोह और मानवता के खिलाफ अपराध जैसे आरोपों में मुकदमा चल रहा है, जिन्हें उन्होंने खारिज किया है.




