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राफेल का बाप है KAI KF-21 Boramae? साउथ कोरिया के फाइटर जेट में इतना दम

दक्षिण कोरिया ने रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए अपना पहला स्वदेशी 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान KF-21 Boramae दुनिया के सामने पेश कर दिया है.

KF-21 Boramae
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 KF-21 Boramae

( Image Source:  X/ @nucleusprime )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर3 Mins Read

Updated on: 29 March 2026 3:27 PM IST

दक्षिण कोरिया ने रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए अपना पहला स्वदेशी 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान KF-21 Boramae दुनिया के सामने पेश कर दिया है. इस अत्याधुनिक फाइटर जेट का अनावरण Korea Aerospace Industries (KAI) ने 25 मार्च 2026 को साचियोन स्थित अपने प्रोडक्शन प्लांट में किया. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पहली उड़ान के कुछ ही सालों के भीतर इसे उत्पादन स्तर तक पहुंचा दिया गया.

यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब भारत अपने उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) पर अभी भी काम कर रहा है. दक्षिण कोरिया की यह तेज प्रगति वैश्विक रक्षा क्षेत्र में उसकी बढ़ती ताकत और तकनीकी को दर्शाती है.

कब शुरू हुआ KF-21 का सफर?

1. केएफ-21 कार्यक्रम की नींव साल 2001 में रखी गई थी, जब तत्कालीन राष्ट्रपति Kim Dae-jung ने स्वदेशी लड़ाकू विमान विकसित करने का प्रस्ताव दिया था.

2. इस परियोजना को 2016 के बाद गति मिली और 2021 में इसका पहला प्रोटोटाइप सामने आया.

3. 2022 में इस विमान ने सफलतापूर्वक अपनी पहली उड़ान भरी, जिसके बाद इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन का रास्ता साफ हो गया.

क्या है खासियत?

1. केएफ-21 को दो सीटों वाले 4.5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के रूप में डिजाइन किया गया है.

2. इसका उद्देश्य चौथी और पांचवीं पीढ़ी के जेट्स के बीच की तकनीकी खाई को भरना है.

3. इसे मुख्य रूप से क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, साथ ही इसे लागत के लिहाज से भी संतुलित रखा गया है.

क्या KF-21 ‘पांचवीं पीढ़ी का है?

KAI इसे पूरी तरह पांचवीं पीढ़ी का फाइटर नहीं मानती, लेकिन इसकी क्षमताएं काफी उन्नत बताई जा रही हैं. KAI के प्रमुख Kang Goo-young ने कहा "केएफ-21 अन्य चौथी पीढ़ी के जेट विमानों से कहीं आगे है और यह पांचवीं पीढ़ी के प्रदर्शन के बेहद करीब है. लोग केएफ-21 को चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान कहते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि यह इसे कम आंकना है."

क्या राफेल से है बेहतर?

भारतीय वायु सेना फिलहाल राफेल जैसे उन्नत चौथी पीढ़ी के विमानों का इस्तेमाल करती है, जिन्हें फ्रांस की Dassault Aviation ने बनाया है. दक्षिण कोरिया का दावा है कि केएफ-21 प्रदर्शन के मामले में राफेल और Eurofighter Typhoon से भी बेहतर साबित हो सकता है.

केएफ-21 में आधुनिक स्टील्थ तकनीक, उन्नत एवियोनिक्स और अत्याधुनिक युद्ध प्रणाली शामिल हैं. खास बात यह है कि यह सब एफ-35 जैसे महंगे जेट्स की तुलना में कम लागत पर उपलब्ध कराया गया है. यही कारण है कि इसे क्षेत्रीय रक्षा में एक मजबूत और किफायती विकल्प माना जा रहा है.

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