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Pakistan की 80 फीसदी आबादी Gay और बाकी बाइसेक्सुअल है? ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट ने किया सनसनीखेज दावा, वीडियो वायरल

पाकिस्तानी ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच ने एक सनसनीखेज दावा किया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 80 आबादी गे और बाकी बाइसेक्सुअल है. कोई भी स्ट्रेट नहीं है.

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हिना बलोच ने पाकिस्तान पर किया सनसनीखेज दावा

( Image Source:  X.com/@Wellutwt/Sora_AI )

ट्रांसजेंडर Hina Baloch के एक वायरल इंटरव्यू में दावा किया कि पाकिस्तान की 80 फीसदी आबादी गे है, जबकि बाकी 20 फीसदी बाइसेक्सुअल है. उन्होंने इसे ऐसा 'ओपन सीक्रेट' बताया, जिसे समाज स्वीकार करने से बचता है. हिना ने यह बयान Queer Global को दिए 37 मिनट के इंटरव्यू में दिया, जिसकी क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

हिना बलोच, जो खुद को 'ख्वाजा सिरा' (पाकिस्तान में कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त थर्ड जेंडर) के रूप में पहचानती हैं, ने कहा कि पाकिस्तान में समान-लैंगिक आकर्षण सार्वजनिक तौर पर जितना कम दिखता है, वास्तविकता उससे बिल्कुल अलग है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पाकिस्तान का 80 प्रतिशत हिस्सा गे है और बाकी 20 प्रतिशत बाइसेक्सुअल हैं. मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान में कोई भी स्ट्रेट है. लोग इसे खुलकर स्वीकार नहीं करते, वे इसे धर्म और परिवार की इज्जत के नाम पर छिपाते हैं.”


हिना बलोच ने और क्या कहा?

हिना बलोच ने बताया कि उनका बचपन Karachi में बीता, जहां उन्हें अपनी यौनिक पहचान से ज्यादा अपने जेंडर एक्सप्रेशन को लेकर डर रहता था. उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा डर यह था कि वे कैसे स्त्री-सुलभ कपड़े पहनें, लिपस्टिक लगाएं या ज्वेलरी पहनें और परिवार या समाज की हिंसा से बच सकें.


बलोच ने कहा, “मैं इस बात को लेकर ज्यादा डरती थी कि लिपस्टिक कैसे लगाऊं और परिवार से मार न पड़े. मैं स्त्री की तरह कपड़े कैसे पहनूं और हिंसा से कैसे बचूं.” उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान में ख्वाजा सिरा समुदाय के सामने अक्सर सीमित विकल्प होते हैं - जैसे भीख मांगना, डांस करना या सेक्स वर्क.


क्या आसान थी हिना बलोच की राह?

इन परिस्थितियों के बावजूद हिना बलोच ने एक्टिविज़्म का रास्ता चुना और जेंडर तथा अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम शुरू किया. उन्होंने Sindh Moorat March की सह-स्थापना की और पाकिस्तान के चर्चित महिला अधिकार आंदोलन Aurat March में भी हिस्सा लिया. बलोच ने बताया कि एक प्रदर्शन के दौरान प्राइड फ्लैग उठाने के बाद उन्हें हिंसक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा अगवा किया गया और प्रताड़ित किया गया. इन घटनाओं के बाद उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.

लंदन में पढ़ाई और शरण की मांग

हिना बलोच को बाद में SOAS University of London में स्कॉलरशिप मिली और उन्होंने United Kingdom में शरण मांगी. हालांकि, उन्होंने ब्रिटेन की शरण प्रणाली(Britain’s asylum system) की भी आलोचना की और कहा कि वहां लगातार निगरानी और संदेह का माहौल 'ओपन-एयर डिटेंशन' जैसा लगता है.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

हिना बलोच के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे सामाजिक वास्तविकता पर टिप्पणी बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे अतिरंजित और विवादित दावा मान रहे हैं.

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