अब पुलिस OYE नहीं कहेगी सर या मैडम, जानें कहां के लिए सरकार ने जारी किया गजब का फरमान
पाकिस्तान के पंजाब में पुलिस सुधार की दिशा में बड़ा कदम. अब नागरिकों को ‘ओये’ नहीं बल्कि ‘सर’ या ‘मैडम’ कहकर संबोधित करना होगा, बॉडी कैमरा भी होगा अनिवार्य.
Pak police say sir
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है. आम नागरिकों से कथित दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा की शिकायतों के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. अब पुलिसकर्मियों को लोगों से बात करते समय सम्मानजनक संबोधन जैसे ‘सर’, ‘मैडम’, ‘साहिब’ या ‘साहिबा’ का उपयोग करना अनिवार्य होगा.
यह फैसला Maryam Nawaz की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जनता की गरिमा से कोई समझौता नहीं होगा और पुलिस के व्यवहार में तुरंत बदलाव दिखना चाहिए.
क्या है नया आदेश और क्यों लिया गया यह फैसला?
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई जगहों पर पुलिसकर्मी सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों को ‘ओये’ जैसे शब्दों से संबोधित करते हैं, जो अस्वीकार्य है. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब सभी थानों, चौकियों और कार्यालयों में आने वाले लोगों से सम्मानपूर्वक बात की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, 'जनता की गरिमा का उल्लंघन न करें. जवाबदेही की जरूरत है और गलत रवैये को त्यागने की आवश्यकता है.' सरकार का मानना है कि लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ती जन नाराजगी को देखते हुए यह कदम जरूरी हो गया था, ताकि पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत हो सके.
क्या पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण?
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिसकर्मियों को व्यवहार और संवाद कौशल का प्रशिक्षण दिया जाए. उन्होंने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी लोगों को ‘सर’ या ‘मैडम’ कहकर संबोधित करने से इनकार करता है, तो उसे नागरिकों से बातचीत की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की शारीरिक भाषा और हावभाव भी मर्यादित होने चाहिए. डराने-धमकाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
क्या अब बॉडी कैमरा होगा अनिवार्य?
पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यमंत्री ने बॉडी कैमरे लगाने का भी आदेश दिया है. अगले दो महीनों में चरणबद्ध तरीके से पंजाब पुलिस और यातायात कर्मियों को बॉडी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे पुलिस की जवाबदेही बढ़ेगी और किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की स्थिति में स्पष्ट साक्ष्य उपलब्ध होंगे.
क्या बदलेगी पुलिस की छवि?
इस फैसले को पुलिस सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. लंबे समय से आम नागरिकों द्वारा पुलिस के कठोर और अपमानजनक व्यवहार की शिकायतें की जा रही थीं. ऐसे में सरकार का यह कदम प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.





