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भारत ही नहीं, लंदन से भी भाग रहे करोड़पति, ये देश बन रहे नया ठिकना; वजह जान लीजिए

दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शुमार लंदन एक समय अमीरों का सबसे पसंदीदा शहर हुआ करता था, लेकिन अब लगता है कि पैसे वालों का इससे मोहभंग हो चुका है. रिपोर्ट के अुनसार बड़ी संख्‍या में करोड़पति लोग लंदन छोड़ कर दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं.

भारत ही नहीं, लंदन से भी भाग रहे करोड़पति, ये देश बन रहे नया ठिकना; वजह जान लीजिए
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प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह3 Mins Read

Published on: 11 April 2025 4:40 PM

भारत की नागरिकता छोड़ कर किसी और देश चले जाने वाले अमीरों के बारे में अक्‍सर खबरें आती रहती हैं. लेकिन ऐसा केवल भारत में ही नहीं हो रहा. लंदन से भी बड़ी संख्‍या में अरबपति लोग दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं. हालांकि भारत की तुलना में वहां से पलायन करने की वजहें कुछ और हैं. इस ट्रेंड के पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारण हैं, जो इन देशों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेत देते हैं.

लंदन, कभी दुनिया के सबसे ज़्यादा अमीर लोगों का घर कहा जाता था, अब अपनी चमक खोता नज़र आ रहा है. 2024 में अकेले 11,300 करोड़पति लंदन छोड़कर एशिया और अमेरिका जैसे देशों की ओर रुख कर चुके हैं. यह आंकड़ा हर साल बढ़ता ही जा रहा है और यह संकेत दे रहा है कि ब्रिटिश राजधानी अब अमीरों की पहली पसंद नहीं रही.

लंदन से हो रहा करोड़पतियों का पलायन

वेल्थ एडवाइजरी फर्म ‘हेनली एंड पार्टनर्स’ की रिपोर्ट और डेटा इंटेलिजेंस कंपनी ‘न्यू वर्ल्ड वेल्थ’ के अनुसार, 2024 में लंदन से जितने करोड़पति निकले, उतने किसी भी यूरोपीय शहर से नहीं. लंदन ने अकेले 11,300 अमीर खोए, जबकि युद्धरत रूस की राजधानी मॉस्को दूसरे नंबर पर रही, जहां से 10,000 अमीरों ने पलायन किया.

एक समय था जब लंदन दुनिया के टॉप 5 सबसे अमीर शहरों में गिना जाता था, लेकिन अब यह सूची से बाहर हो गया है. वर्तमान में लंदन में करीब 2,15,700 करोड़पति बचे हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 2,27,000 थी.

क्यों छोड़ रहे हैं अमीर लोग लंदन?

  • टैक्स की मार: लंदन में कैपिटल गेंस टैक्स और एस्टेट ड्यूटी जैसे कर दुनिया में सबसे अधिक हैं. अमीरों का कहना है कि ऐसे टैक्स कानून उन्हें लंदन में रहकर पैसा कमाने और बचाने से रोकते हैं.
  • ब्रेक्जिट का असर: यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलने के बाद से लंदन की वैश्विक कनेक्टिविटी और निवेशकों में भरोसे पर असर पड़ा है.
  • टेक इंडस्ट्री में पिछड़ापन: एशिया और अमेरिका में तेजी से बढ़ती तकनीकी कंपनियों के मुकाबले लंदन पिछड़ता जा रहा है. यही वजह है कि कई टेक उद्यमी अपने बिज़नेस बेस को अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों में शिफ्ट कर रहे हैं.
  • लंदन स्टॉक एक्सचेंज का पतन: कभी फाइनेंशियल पावरहाउस माने जाने वाले लंदन स्टॉक एक्सचेंज की वैश्विक रैंकिंग में गिरावट आई है. अब यह टॉप 10 स्टॉक एक्सचेंज की सूची में भी नहीं आता.

अमेरिका ही नहीं एशिया भी बन रहा अमीरों की नई पसंद

जहां लंदन और यूरोप अमीरों को खो रहे हैं, वहीं एशिया और अमेरिका के कुछ खास शहरों ने भारी मुनाफा कमाया है. सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में पिछले 10 सालों में करोड़पतियों की संख्या में 98% की बढ़ोतरी हुई. सिंगापुर में 62% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलेस, शिकागो, टोक्यो, हांगकांग, और दुबई जैसे शहर तेजी से अमीरों का नया ठिकाना बनते जा रहे हैं. न्यूयॉर्क आज भी दुनिया के सबसे ज्यादा करोड़पतियों वाला शहर बना हुआ है, जहां 3,84,500 अमीर रहते हैं.

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