Trump ने नेतन्याहू से Iran पर हमला रोकने को कहा, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर लग सकता है टोल; 19 मार्च के टॉप-10 अपडेट्स
मिडिल ईस्ट में युद्ध अब तेल और गैस सप्लाई को प्रभावित कर रहा है, जिससे दुनिया पर असर पड़ सकता है. ड्रोन हमले, LNG नुकसान और Hormuz संकट ने हालात और गंभीर बना दिए हैं.
Middle East Crisis, Iran vs Israel US War Top Updates: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां युद्ध सिर्फ सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा संकट में बदलता दिख रहा है. कुवैत में Kuwait National Petroleum Company के ऑपरेशनल यूनिट्स पर ड्रोन हमले हुए, हालांकि आग सीमित रही और कोई हताहत नहीं हुआ. वहीं बीते 24 घंटों में कुवैत ने 18 दुश्मन ड्रोन में से 13 को मार गिराने का दावा किया है.
दूसरी ओर, ईरान के हमलों से कतर की LNG क्षमता को बड़ा झटका लगा है. QatarEnergy के CEO के मुताबिक करीब 17% LNG उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है. इसकी मरम्मत में 3 से 5 साल लग सकते हैं. इससे वैश्विक गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है. इस बीच Donald Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को ईरान के गैस फील्ड्स पर और हमले न करने की सलाह दी है, ताकि तनाव और न बढ़े.
Iran Vs Israel US War के टॉप अपडेट्स
- ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया कि उसने अमेरिकी F-35 fighter jet को निशाना बनाया. हालांकि, अमेरिका ने कहा कि विमान सुरक्षित लैंड कर गया है. जांच जारी है.
- यूएई के पास खोर फक्कन के नजदीक एक केमिकल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें आग लग गई और 15 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया, जबकि कप्तान लापता है.
- इजरायल के हाइफा रिफाइनरी के पास आग लगने और बिजली ग्रिड को नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं.
- इस बीच, Strait of Hormuz में संकट गहराता जा रहा है. ईरान की नाकेबंदी के कारण हजारों जहाज और करीब 20,000 नाविक फंसे हुए हैं, जिससे तेल और गैस सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है.
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है. छह देशों—ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, इटली और नीदरलैंड—ने इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए एकजुट होने का ऐलान किया है.
- अमेरिका युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग पर विचार कर रहा है. वह मिडिल ईस्ट में और सैनिक भेजने की योजना बना रहा है.
- भारत भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ओमान और फ्रांस के नेताओं से बातचीत कर तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है.
- ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के लिए तैनात US एयरक्राफ्ट कैरियर Gerald R Ford, मंगलवार को सैटेलाइट तस्वीरों में लाल सागर में दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दिया. जहाज पर आग लगने की घटना के बाद इसके किसी बंदरगाह पर कुछ समय के लिए रुकने की उम्मीद है.
- ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल और टैक्स लगा सकता है. यह प्रस्ताव ईरानी सांसदों की तरफ से आया है. इससे तेल और गैस की कीमतें बढ़ सकती है.
- ईरान के सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, ईरान ने इज़रायल के खिलाफ अपने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 64वीं लहर शुरू की. IRGC और ईरानी सेना ने इस ऑपरेशन के तहत कई हमले किए. यह ऑपरेशन 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल द्वारा किए गए हमले के जवाब में शुरू किया गया.
पूरे घटनाक्रम से साफ है कि यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रहा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है.




