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Donald Trump के दिमाग में क्या चल रहा है, अब CUBA में क्यों फंस गया दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश?

अमेरिका के सख्त रुख और ट्रंप के बयान के बाद क्यूबा में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. बिजली, ईंधन और जरूरी संसाधनों की कमी के बीच आम लोग अनिश्चितता और डर के माहौल में जी रहे हैं.

Donald Trump के दिमाग में क्या चल रहा है, अब CUBA में क्यों फंस गया दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश?
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE- SORA )

Donald Trump in Cuba: वेनेज़ुएला के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप का अगला टारगेट क्यूबा होने वाला है. Havana से आई खबरों के मुताबिक, क्यूबा में इस समय अनिश्चितता, गुस्सा और उम्मीद तीनों एक साथ दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, Donald Trump ने हाल ही में एक बयान दिया था. जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा की सरकार के खिलाफ 'तुरंत कार्रवाई' कर सकता है.

ट्रंप प्रशासन ने हाल के सालों में क्यूबा के खिलाफ सबसे आक्रामक रुख अपनाया है. अमेरिका ने क्यूबा की जरूरी तेल आपूर्ति को लगभग बंद कर दिया है, ताकि वहां की सरकार पर दबाव बनाकर बदलाव कराया जा सके. लेकिन इस कदम का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ा है.

क्या है क्यूबा के हालात?

देश में हालात बेहद खराब हो चुके हैं. पूरे द्वीप में बार-बार बिजली कटौती हो रही है, पेट्रोल की कमी है और जरूरी संसाधनों की भारी किल्लत है. अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी लगभग ठप हो गया है.

एपी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 64 साल की मातिल्डे विसोसो, जो अपनी बीमार बेटी की देखभाल कर रही हैं, कहती हैं कि हालात बेकाबू हो चुके हैं और अब बदलाव जरूरी है. उन्होंने कहा, "क्यूबा अब और इंतजार नहीं कर सकता. यहां दमन भी है और भूख भी. क्यूबा रो रहा है."

ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है?

  • ट्रंप ने कहा है कि वह क्यूबा के साथ कुछ भी कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि क्यूबा के राष्ट्रपति Miguel Díaz-Canel पद छोड़ दें. हालांकि, यह साफ नहीं है कि अमेरिका किसे सत्ता में देखना चाहता है.
  • वहीं, मार्को रुबियो ने कहा कि क्यूबा की समाजवादी आर्थिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव जरूरी है. क्यूबा सरकार जहां निजी क्षेत्र पर सख्त नियंत्रण रखती है, वहीं लंबे समय से चले आ रहे अमेरिकी प्रतिबंधों ने देश की अर्थव्यवस्था को और कमजोर कर दिया है.
  • अमेरिका का यह दबाव ऐसे समय में बढ़ा है, जब उसने जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए सैन्य कार्रवाई की थी और 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले भी जारी हैं.

राष्ट्रपति मिगेल डियाज़-कानेल ने क्या कहा?

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज़-कानेल ने ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका रोजाना उनकी सरकार को गिराने की धमकी देता है, लेकिन किसी भी आक्रामक कदम का सामना 'मजबूत प्रतिरोध' से होगा.

क्यूबा सरकार ने कोस्टा रिका के क्यूबा में अपना दूतावास बंद करने के फैसले की भी आलोचना की. सरकार ने इसे अमेरिका के दबाव में लिया गया “मनमाना फैसला” बताया और कहा कि इसका मकसद क्यूबा को अलग-थलग करना है.

क्या है क्यूबा का लोगों का मानना?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बात साफ है कि पूरे देश में अनिश्चितता का माहौल है. लोग पहले भी मुश्किल हालातों के आदी रहे हैं, लेकिन अब कई लोग मानते हैं कि स्थिति अपनी हद पार कर चुकी है और सरकार से जवाब मांग रहे हैं.

थोड़ी राहत जरूर मिली है, क्योंकि कुछ सामाजिक संगठनों और मेक्सिको जैसे सहयोगी देशों की ओर से मदद पहुंच रही है. हाल ही में पांच टन मेडिकल उपकरण, सोलर पैनल और अन्य जरूरी सामान क्यूबा पहुंचा है. लेकिन यह मदद जरूरत के मुकाबले बहुत कम है और देश की बड़ी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है.

वर्ल्‍ड न्‍यूजडोनाल्ड ट्रंप
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