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14,000 करोड़ का हिसाब देने का वक़्त आया... बेल्जियम में दबोचा गया मेहुल चोकसी, जल्द लाया जा सकता है भारत

2 अरब डॉलर के PNB घोटाले का आरोपी भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी आखिरकार बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया. सीबीआई और इंटरपोल के लंबे प्रयास के बाद यह कार्रवाई हुई है. भारत सरकार ने तुरंत उसके प्रत्यर्पण की मांग शुरू कर दी है. चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी पर बैंक से 14,000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है.

14,000 करोड़ का हिसाब देने का वक़्त आया... बेल्जियम में दबोचा गया मेहुल चोकसी, जल्द लाया जा सकता है भारत
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नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार3 Mins Read

Updated on: 14 April 2025 9:13 AM IST

देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक में आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी अब बेल्जियम में कानून के शिकंजे में आ चुका है. 2018 में भारत से भागने के बाद पहली बार उसे विदेशी धरती पर सीबीआई के अनुरोध पर गिरफ्तार किया गया है. ये गिरफ्तारी न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बड़ी मिसाल है, बल्कि भारत के लिए न्याय की दिशा में एक अहम मोड़ भी. बताया जाता है कि वह कैंसर का इलाज कराने के बहाने बेल्जियम पहुंचा था.

सूत्रों के अनुसार, चोकसी को बेल्जियम में ट्रेस करने के लिए भारतीय एजेंसियों ने महीनों तक निगरानी रखी और स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क में रहीं. चोकसी 2021 में एंटीगुआ से लापता हो गया था और तब से उसके ठिकाने को लेकर अटकलें लगती रहीं. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज़ की जा रही है, हालांकि वह खराब सेहत और कानूनी बहानों का सहारा लेकर जमानत की कोशिश कर सकता है.

भांजा नीरव मोदी भी है आरोपी

चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी, पंजाब नेशनल बैंक से करीब 13,850 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी हैं. चोकसी के खिलाफ मुंबई की एक अदालत पहले ही दो ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है. एक 2018 और दूसरा 2021 में. भारत की नज़र अब इस पर है कि क्या इस बार चोकसी को न्यायालय के सामने पेश कर उसकी करतूतों का हिसाब लिया जा सकेगा.

भारत ने शेयर किए थे डॉक्यूमेंट

मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी केवल एक भगोड़े को पकड़ने की नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक कानूनी सक्रियता की भी कहानी है. भारत ने बेल्जियम एजेंसियों को न केवल चोकसी से जुड़े तमाम दस्तावेज सौंपे, बल्कि उसके खिलाफ पहले से जारी दो ओपन अरेस्ट वारंट और फर्जीवाड़े के पूरे दस्तावेजी सबूत भी शेयर किए. इसके चलते बेल्जियम की सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई में कोई संदेह नहीं रहा और उन्होंने उसे हिरासत में ले लिया. बता दें, चोकसी 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता ले चुका था और 2021 में वहां से भी फरार हो गया था.

पीएनबी घोटाला ने हिला दी थी इकोनॉमी

चोकसी का नाम उस अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी में जुड़ा है जिसने न केवल भारत की बैंकिंग व्यवस्था को हिला दिया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय एजेंसियों की प्रतिष्ठा को भी चुनौती दी. पीएनबी घोटाला, जिसमें 13,850 करोड़ रुपये की वित्तीय हेराफेरी हुई, 2018 में उजागर हुआ था और इसे भारतीय बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला माना जाता है. यह धोखाधड़ी सात वर्षों तक चली और फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए अंजाम दी गई. इस केस में चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी के खिलाफ भारत ने कई देशों में प्रत्यर्पण के प्रयास तेज कर दिए हैं.

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