Macron-Meloni की मुलाकात या ‘अजीब मोमेंट’? हग करते हुए वीडियो वायरल, सोशल मीडिया यूजर्स लगा रहे जमकर क्लास!
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मेलोनी काफी असहज नजर आ रही हैं.
Macron-Meloni Viral Video: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का पेरिस में स्वागत किया, जहां ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अहम चर्चा हुई. हालांकि, उनकी मुलाकात का एक वीडियो अलग वजह से तेजी से वायरल हो गया.
वीडियो में एक सामान्य अभिवादन के दौरान अचानक अजीब स्थिति बन गई, जिससे मेलोनी हैरान नजर आईं. दोनों नेताओं के बीच यह असामान्य सार्वजनिक हग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और लोग उनके बॉडी लैंग्वेज पर बहस करने लगे.
सोशल मीडिया पर लोग क्या कर रहे कमेंट?
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने लिखा, “मैक्रों को घर पर खास सरप्राइज मिलने वाला है” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “मुझे लगता है कि उनकी पत्नी रात में उन्हें आज पीटने वाली है”, वहीं एक यूजर लिखता है,"देखने में ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं अपनी बिल्ली को किस कर रहा हूं".
वीडियो में क्या है?
वीडियो में मैक्रोन मेलोनी को हग करने की कोशिश करते हैं और साथ ही उनके गाल के करीब अपना गाल लाते हैं, ऐसा होता देख कर मेलोनी काफी असहज हो जाती हैं और अपनी बॉडी को पीछे करती हैं. इसके बाद जब दोनों आगे जाते हैं तो मैक्रोन मेलोनी के कमर पर हाथ रखने की कोशिश करते हैं, जिसे मैलोनी हटाकर हाथ मिला लेती हैं.
ईरान जंग को लेकर क्या हुई मीटिंग?
इसी सब के बीच फ्रांस और ब्रिटेन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री सुरक्षा के लिए एक बहुराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व करने की योजना का ऐलान किया है. यह मिशन रक्षात्मक होगा और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होने के बाद ही तैनात किया जाएगा.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और राष्ट्रपति मैक्रों ने पेरिस में हुई अंतरराष्ट्रीय बातचीत के दौरान इस पहल की पुष्टि की. इसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से व्यापार को बिना बाधा जारी रखना है. यह सम्मेलन ज्यादातर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित हुआ, जिसमें यूरोप और एशिया के 49 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख भी शामिल थे. खास बात यह रही कि अमेरिका और ईरान इस बैठक में शामिल नहीं हुए, क्योंकि दोनों ही इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल हैं.
ईरान के एक्शन ने कैसे बढ़ाई दुनिया चिंता?
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद इस मार्ग पर नाकेबंदी कर दी थी, जिससे दुनिया भर में महंगाई, ईंधन की कमी और खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी. हालांकि, बाजारों को कुछ राहत तब मिली जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर घोषणा की कि जब तक युद्धविराम जारी रहेगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला रहेगा.




