ईरान जंग के बीच लेबनान को लेकर नेतन्याहू के मन में क्या, नहीं रुक रहे Israel के हमले, पत्रकार तक निशाने पर
लेबनान में ईरान-इज़राइल युद्ध के बीच, इज़राइल के हमले लगातार जारी हैं और पत्रकार भी निशाने पर हैं. हाल ही में लेबनानी पत्रकार फ़ातिमा फ़ातौनी और उनके सहयोगियों की हत्या इज़राइली हवाई हमले में हुई.
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच अब जंग का दायरा और भी खतरनाक होता जा रहा है. Israel और Hezbollah के बीच टकराव के बीच लेबनान में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं. हाल ही में एक एयरस्ट्राइक में तीन पत्रकारों की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है.
इस हमले का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि लेबनानी पत्रकार Fatima Fatouni अपनी आखिरी रिपोर्टिंग के दौरान कैमरे पर थी,00 और कुछ ही पलों बाद उनकी मौत हो गई. उनका आखिरी वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जंग की क्रूर सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है.
क्या था Fatima Fatouni का आखिरी वीडियो?
Fatima Fatouni दक्षिणी लेबनान से लाइव रिपोर्टिंग कर रही थी. वीडियो में वह युद्ध की स्थिति बता रही थी, लेकिन कुछ ही देर बाद जिस गाड़ी में वह सफर कर रही थीं, उसे एयरस्ट्राइक में निशाना बना लिया गया. यह हमला Jezzine के पास हुआ, जहां उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उनके साथ Ali Shuaib और एक कैमरामैन भी मारे गए.
इस हमले में किन-किन की गई जान?
इस हमले में तीन मीडिया कर्मियों की मौत हुई
- Fatima Fatouni (रिपोर्टर)
- Ali Shuaib (वरिष्ठ संवाददाता)
- एक कैमरामैन
Israeli Army ने Ali Shuaib को निशाना बनाने की बात स्वीकार की, लेकिन बाकी दो की मौत पर कोई साफ बयान नहीं दिया.
सोशल मीडिया पर लोगों ने कैसे रिएक्ट किया?
Fatima Fatouni के आखिरी वीडियो ने इंटरनेट पर भावनाओं का सैलाब ला दिया. एक यूजर ने लिखा कि 'यह दिल तोड़ देने वाला है. Fatima Fatouni का इस तरह के दुखद अंत से ठीक पहले का आखिरी संदेश देखना अंदर तक झकझोर देता है. दक्षिणी लेबनान में सच्चाई को सामने लाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता, खतरे के बीच भी, बेहद साहसिक थी. दूसरे यूजर ने कहा कि 'यह एक दुखद उदाहरण है कि पत्रकारों को सच्चाई सामने लाने के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ती है. एक अन्य ने लिखा कि 'हर खबर के पीछे एक इंसान की जिंदगी होती है… इस तरह की कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि संघर्ष वास्तव में कितना क्रूर होता है…”
लेबनान सरकार और नेताओं का क्या रुख है?
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस हमले को एक खुलेआम अपराध जो उन सभी कानूनों और समझौतों का उल्लंघन करता है जो पत्रकारों की सुरक्षा करते हैं. बताते हुए कड़ी निंदा की. Al-Mayadeen TV और Al-Manar TV ने भी इस हमले को पत्रकारों को निशाना बनाने वाला बताया.
Israel ने क्या दिया सफाई?
Israel का दावा है कि Ali Shuaib (इज़राइली) सैनिकों के स्थानों को उजागर करने के लिए व्यवस्थित रूप से कार्य कर रहा था और उसका संबंध Hezbollah से था. हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया.
क्या पत्रकारों को बनाया जा रहा है टारगेट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल लेबनान में अब तक 5 पत्रकारों की मौत हो चुकी है. Committee to Protect Journalists ने भी इन मौतों पर चिंता जताई है. लगातार हो रहे हमलों से यह सवाल उठ रहा है कि क्या युद्ध में अब पत्रकार भी सुरक्षित नहीं बचे हैं?
लेबनान में Israel-Hezbollah जंग कितनी खतरनाक हो चुकी है?
पिछले कुछ हफ्तों में Israel ने हजारों सैनिक लेबनान सीमा पर तैनात किए हैं. वहीं Hezbollah भी जवाबी हमले कर रहा है. Israel का लक्ष्य Litani River के दक्षिणी हिस्से पर नियंत्रण बताकर सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जबकि लेबनान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है.
क्या Gulf War ने इस संघर्ष को और बढ़ा दिया है?
गल्प क्षेत्र में जारी युद्ध ने हालात को और जटिल बना दिया है. United States और Israel ने मिलकर ईरान पर ‘Operation Epic Fury’ और ‘Operation Roaring Lion’ के तहत हमले किए. जवाब में Iran ने ‘Operation True Promise IV’ चलाते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और Hormuz Strait को ब्लॉक कर दिया.




