कौन थी Divya Pahuja जो 7 साल जेल में रही, बाहर आई थी मर्डर हो गया, अब Sandeep Gadoli Encounter हुई बरी, पूरी कहानी
Divya Pahuja Case: हरियाणा के गैंगस्टर कनेक्शन, मॉडलिंग वर्ल्ड की चमक और एक रहस्यमयी हत्या- ये तीनों जब एक साथ जुड़ते हैं तो कहानी बनती है Divya Pahuja की. एक ऐसा नाम जो पहले गैंगस्टर Sandeep Gadoli के साथ जुड़ा, फिर 7 साल जेल में रहा और आखिरकार जेल से बाहर आने के कुछ समय बाद ही उसकी हत्या कर दी गई.
हरियाणा के गैंगस्टर कनेक्शन, मॉडलिंग वर्ल्ड की चमक और एक रहस्यमयी हत्या- ये तीनों जब एक साथ जुड़ते हैं तो कहानी बनती है Divya Pahuja की. एक ऐसा नाम जो पहले गैंगस्टर Sandeep Gadoli के साथ जुड़ा, फिर 7 साल जेल में रहा और आखिरकार जेल से बाहर आने के कुछ समय बाद ही उसकी हत्या कर दी गई. अब जब इस पूरे मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है, तो यह केस फिर सुर्खियों में है.
कौन थी दिव्या पाहुजा?
Divya Pahuja हरियाणा की रहने वाली एक मॉडल थीं, जो ग्लैमर वर्ल्ड में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रही थीं. लेकिन उनकी जिंदगी उस वक्त बदल गई जब उनका नाम गैंगस्टर Sandeep Gadoli से जुड़ा. दिव्या सिर्फ उनकी गर्लफ्रेंड ही नहीं बताई गईं, बल्कि बाद में उन पर आरोप लगा कि उन्होंने पुलिस को गडोली की लोकेशन ट्रैक करने में मदद की.
कैसे जुड़ा नाम संदीप गडोली एनकाउंटर से?
7 फरवरी 2016 को मुंबई के एक होटल में Sandeep Gadoli का एनकाउंटर हुआ. उस वक्त दिव्या उसी होटल रूम में मौजूद थीं. जांच एजेंसियों का दावा था कि यह मुठभेड़ फर्जी थी और दिव्या ने पुलिस को गडोली तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसी आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया.
7 साल जेल में क्यों रहीं दिव्या?
दिव्या पाहुजा पर हत्या और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप लगे थे. इसी वजह से उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा और करीब 7 साल तक जेल में रहना पड़ा. इस दौरान उनका केस देश के हाई-प्रोफाइल क्राइम मामलों में गिना जाने लगा.
जेल से बाहर आते ही क्या हुआ?
करीब 7 साल बाद दिव्या को जमानत मिली और वह जेल से बाहर आईं. लेकिन उनकी जिंदगी को दूसरा मौका ज्यादा लंबा नहीं मिला. जनवरी 2024 में गुरुग्राम में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस मर्डर ने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया.
क्या यह बदले की हत्या थी?
दिव्या की बहन ने आरोप लगाया कि यह हत्या Sandeep Gadoli के परिवार द्वारा बदले के तौर पर करवाई गई. हालांकि, इस दावे को लेकर जांच एजेंसियां अलग-अलग एंगल से पड़ताल करती रहीं.
अब कोर्ट के फैसले से क्या बदला?
हाल ही में सेशंस कोर्ट ने इस केस में सभी आरोपियों- हरियाणा पुलिसकर्मियों और दिव्या की मां को बरी कर दिया. दिव्या की मौत पहले ही हो चुकी थी, इसलिए उनके खिलाफ केस की कार्यवाही खत्म हो गई थी. इस फैसले के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है—क्या सच कभी सामने आ पाएगा या यह केस हमेशा एक रहस्य ही बना रहेगा?
पूरी कहानी एक नजर में
मॉडल से गैंगस्टर कनेक्शन तक का सफर
फर्जी एनकाउंटर में नाम आने के बाद गिरफ्तारी
7 साल जेल में बिताए
बाहर आते ही मर्डर
अब सभी आरोपी बरी
यह कहानी सिर्फ एक क्राइम केस नहीं, बल्कि सत्ता, सिस्टम और अंडरवर्ल्ड के उस अंधेरे सच को दिखाती है, जहां हर जवाब के पीछे एक नया सवाल खड़ा हो जाता है.




