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Iran vs Israel US War: क्या खत्म हो गई ईरान की टॉप लीडरशिप? जानें अब तक कौन-कौन मारा गया

ईरान की टॉप लीडरशिप हाल के हमलों और क्षेत्रीय तनाव के कारण गंभीर संकट में बताई जा रही है. कई शीर्ष सैन्य, राजनीतिक और सुरक्षा अधिकारियों की मौत की खबरों से देश के नेतृत्व ढांचे पर बड़ा असर पड़ा है. अब नए नेतृत्व को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय दबाव और तनाव बढ़ गया है.

Iran vs Israel US War: क्या खत्म हो गई ईरान की टॉप लीडरशिप? जानें अब तक कौन-कौन मारा गया
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( Image Source:  Sora_ AI )

Iran Top Leadership Crisis Explained: ईरान की टॉप लीडरशिप के लिए पिछला कुछ समय, खासकर हाल के हफ्ते बेहद घातक साबित हुए हैं. 28 फरवरी को हुए एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन (अमेरिका और इजरायल द्वारा) में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. इस हमले ने ईरानी सत्ता के केंद्र को हिलाकर रख दिया है, क्योंकि इसमें खामेनेई के साथ-साथ रक्षा मंत्री और आईआरजीसी (IRGC) के शीर्ष कमांडर भी मारे गए हैं

ईरान ने अब अपने नए नेतृत्व की घोषणा कर दी है. खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है. हालांकि, इजरायल और अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वे नए नेतृत्व को भी लक्ष्य बना सकते हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है.

ईरान की टॉप लीडरशिप में अब तक कौन-कौन मारे गए?

  • अयातुल्ला अली खामेनेई (28 फरवरी): ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई तेहरान में उनके आवास पर हुए इजरायली एयर स्ट्राइक में मारे गए. वे 1989 से ईरान की कमान संभाल रहे थे और उनके निधन से देश में एक बड़ा सत्ता शून्य पैदा हो गया है. उनकी मृत्यु के बाद ईरान में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई.
  • अजीज नासिरजादे (28 फरवरी): ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादे भी खामेनेई के साथ हुए उसी बड़े हमले में मारे गए. वे ईरान की सैन्य और परमाणु बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुके थे.
  • मेजर जनरल मोहम्मद पाकूर (28 फरवरी): ये इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ग्राउंड फोर्स कमांडर थे. रणनीतिक बैठकों में शामिल रहने वाले पाकूर की मौत को ईरानी सैन्य शक्ति के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.
  • अब्दुलरहीम मौसवी (28 फरवरी): ईरान की सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मौसवी भी इन्ही हमलों में मारे गए. वे ईरान की पूरी सैन्य रणनीति और समन्वय के प्रमुख थे, जिनका मारा जाना नेतृत्व के पूरी तरह नष्ट होने का संकेत है.
  • अली शामखानी (28 फरवरी): सर्वोच्च नेता के सुरक्षा सलाहकार और डिफेंस काउंसिल के सचिव अली शामखानी इस लिस्ट में एक और बड़ा नाम हैं. वे पूर्व में IRGC नेवी चीफ भी रह चुके थे और खामेनेई के सबसे करीबी रणनीतिकारों में से एक थे.
  • हसन नसरल्लाह (27 सितंबर 2024): ईरान के सबसे शक्तिशाली सहयोगी हिजबुल्लाह के प्रमुख नसरल्लाह बेरूत में एक इजराइली हवाई हमले में मारे गए थे. हालांकि वे सीधे ईरानी सरकार में नहीं थे, लेकिन वे ईरान के 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' के मुख्य चेहरे थे और उनकी मौत से ईरान की क्षेत्रीय पकड़ कमजोर हुई.
  • इब्राहिम रायसी (19 मई 2024): ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मौत एक हेलिकॉप्टर क्रैश में हुई थी. वे अजरबैजान सीमा के पास खराब मौसम के कारण दुर्घटना का शिकार हुए, जिसमें विदेश मंत्री अमीर-अब्दुल्लाहियान भी मारे गए थे. रायसी को खामेनेई का उत्तराधिकारी माना जाता था.
  • इस्माइल हनियेह (31 जुलाई 2024): हमास के राजनीतिक प्रमुख हनियेह की हत्या तेहरान के एक सुरक्षित गेस्ट हाउस में की गई थी. वे नए ईरानी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए थे. उनकी मौत ने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.
  • ब्रिगेडियर जनरल अब्बास निलफोरौशन (27 सितंबर 2024): IRGC के डिप्टी कमांडर (ऑपरेशंस) निलफोरौशन लेबनान में हसन नसरल्लाह के साथ मारे गए थे. वे लेबनान और सीरिया में ईरान के सैन्य ऑपरेशंस की देखरेख कर रहे थे और उनकी मौत ने IRGC की विदेशी विंग को नुकसान पहुंचाया.
  • होसैन जबल अमेलियन और अन्य कमांडर (28 फरवरी 2026): SPND (रक्षा नवाचार संगठन) के अध्यक्ष अमेलियन और रक्षा क्षेत्र के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी जैसे रज़ा मुजफ्फरी भी हालिया हमलों में मारे गए हैं. इनमें कई परमाणु वैज्ञानिक और तकनीकी एक्सपर्ट्स भी शामिल बताए जा रहे हैं.

ईरान की टॉप लीडरशिप वर्तमान में अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है. पिछले दो सालों में शीर्ष राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक नेताओं के सफाए ने देश के 'कमांड एंड कंट्रोल' को काफी हद तक अस्थिर कर दिया है. मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में नई शुरुआत की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन इजरायल और अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच यह स्पष्ट है कि पुराना ईरान अब पूरी तरह बदल चुका है.

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