ईरान का अमेरिका को पैगाम, जंग खत्म करने के लिए रखीं 3 शर्तें, ट्रंप के जवाब का इंतजार... नहीं मानने पर दी बड़ी चेतावनी
ईरान ने अमेरिका के सामने जंग खत्म करने के लिए 3 शर्तें रखी हैं. कतर के जरिए शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई गई हैं. अब ईरान को ट्रंप के जवाब का इंतजार है और मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ी चेतावनी दी गई है.
ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत शुरू करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं. इन शर्तों को कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है. ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका उसकी मांगों को स्वीकार नहीं करता है तो वह जंग के लिए तैयार है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा कि कतर ने तेहरान की शर्तों को अमेरिका तक पहुंचा दिया है और अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है.
रेजाई ने अल जजीरा के मुताबिक कहा, “हम मीडिएटर कतर के संपर्क में हैं. कतर ने युद्ध खत्म करने के मकसद से हमारी शर्तों को वॉशिंगटन तक पहुंचा दिया है. हम राष्ट्रपति ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहे हैं.”
मोहसिन रेजई ने क्या कहा?
मोहसिन रेजाई के मुताबिक, ईरान की शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड को जारी करना और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है.
रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अलग पोस्ट में भी कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं. उन्होंने ईरान के रुख को “स्पष्ट और बिना किसी भ्रम के” बताया. अल जजीरा के अनुसार, रेजाई ने कहा, “इन शर्तों को स्वीकार करना वॉशिंगटन के हित में है. ट्रंप की धमकियों से कोई नतीजा हासिल नहीं होगा. हम निर्णायक युद्ध के लिए तैयार हैं.”
कतर और पाकिस्तान बातचीत शुरू कराने में जुटे
अल जजीरा के मुताबिक, पिछले महीने एक समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding) की अवधि खत्म होने के बाद कतर और पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के प्रयास किए हैं. क्षेत्र के कई अन्य देश भी संघर्ष को खत्म कराने की कोशिश कर रहे हैं. यह संघर्ष फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था.
ईरान को फिर अमेरिकी हमले की आशंका?
मोहसिन रेजाई ने ईरान पर एक और अमेरिकी हमले की संभावना से इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि ईरानी सैन्य आकलन के आधार पर ऐसा हमला “बहुत संभव” है. उन्होंने कहा कि ईरान इस तरह की स्थिति के लिए तैयार है और पहले हो चुकी लड़ाई के दो दौर के बाद उसने अपनी सैन्य योजना में बदलाव किया है. रेजाई के मुताबिक, ईरान की मौजूदा सैन्य योजना फारस की खाड़ी से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक मौजूद अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों पर केंद्रित है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने हाल ही में एक मल्टी-वारहेड एंटी-शिप मिसाइल का टेस्ट किया है. उनके मुताबिक, यह परीक्षण किसी अमेरिकी जहाज या विमानवाहक पोत के पास किया गया था.
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और कंपनियों को लेकर क्या दी चेतावनी?
ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ईरान पर हमला होता है तो उसकी प्रतिक्रिया व्यापक हो सकती है. उन्होंने कहा कि ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने और स्थानीय स्तर पर काम कर रहे अमेरिकी व्यावसायिक हित तथा कंपनियां भी निशाने पर आ सकती हैं. जब रेजाई से पूछा गया कि क्या युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, तो उन्होंने कहा, “व्यावहारिक रूप से युद्ध अभी भी जारी है.”
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य संघर्ष को “जितनी जल्दी संभव हो सके” खत्म करना है.
परमाणु नीति पर ईरान ने क्या कहा?
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी मोहसिन रेजाई ने महत्वपूर्ण बयान दिया. उन्होंने कहा कि तेहरान ने परमाणु अप्रसार संधि यानी Nuclear Non-Proliferation Treaty (NPT) से बाहर निकलने का फैसला नहीं किया है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की कार्रवाई ईरान को इस तरह का फैसला लेने की दिशा में धकेल सकती है.
रेजाई ने कहा कि ईरान की परमाणु नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब भी उस धार्मिक आदेश का पालन करता है, जिसमें परमाणु हथियारों पर रोक लगाई गई है.
बाब अल-मंदेब को लेकर क्या कहा?
मोहसिन रेजाई ने उन अटकलों को भी खारिज किया कि ईरान बाब अल-मंदेब को बंद कर सकता है. उन्होंने कहा कि बाब अल-मंदेब का मुद्दा यमन से जुड़ा है और इसका संबंध हूती आंदोलन से है. वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर रेजाई ने कहा कि ईरान और ओमान एक समझौते की घोषणा के काफी करीब पहुंच गए थे, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि इस समझौते का ढांचा अभी भी तैयार है, लेकिन इसे सार्वजनिक करने से पहले क्षेत्रीय देशों की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है.
क्या हैं ईरान की तीन मुख्य शर्तें?
1. युद्ध पूरी तरह रोकना- ईरान की मांग है कि सभी मोर्चों पर तुरंत सैन्य कार्रवाई बंद की जाए। साथ ही, क्षेत्र में चल रहे दूसरे जुड़े हुए संघर्षों को भी खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएं.
2. नौसैनिक नाकाबंदी हटाना- ईरान के बंदरगाहों और समुद्री व्यापार मार्गों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को पूरी तरह खत्म किया जाए।
3. ईरान के फ्रीज किए गए फंड जारी करना- प्रतिबंधों के तहत रोके गए ईरान सरकार के पैसों और दूसरे वित्तीय संसाधनों को पूरी तरह जारी किया जाए।




