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कौन थे पंजाब के गुरभेज सिंह, जिनकी लंदन में चाकुओं से गोदकर की गई हत्या, पुलिस जांच में क्या आया सामने?

लंदन के साउथॉल इलाके में पंजाब के 26 वर्षीय गुरभेज सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन पुलिस अब भी हत्या के मुख्य आरोपी और मकसद की तलाश में जुटी है.

कौन थे पंजाब के गुरभेज सिंह, जिनकी लंदन में चाकुओं से गोदकर की गई हत्या, पुलिस जांच में क्या आया सामने?
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( Image Source:  X: @csi_london )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Published on: 14 Jun 2026 11:08 AM

वेस्टर्न लंदन के साउथॉल इलाके में हुई घटना ने एक भारतीय परिवार को झकझोर कर रख दिया है. पंजाब के एक छोटे से गांव से निकले 26 साल के नौजवान गुरभेज सिंह की आधी रात को बीच सड़क पर बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई. यह सिर्फ एक क्राइम की खबर नहीं है, बल्कि एक पिता के संघर्ष, एक मां के आंसुओं और 24 लाख रुपये खर्च करके बुने गए एक बड़े सपने के असमय बिखर जाने की एक बेहद दर्दनाक दास्तान है. ब्रिटिश समयानुसार (BST) रात के करीब 12:40 बज रहे थे (भारतीय समयानुसार सुबह के 5:10 बजे). पूरा साउथॉल इलाका गहरी नींद में सोया हुआ था. तभी डॉर्मर्स वेल्स लेन और नॉर्थ रोड के जंक्शन पर स्थित एक दुकान के बाहर अचानक चीख-पुकार मच जाती है.

बीबीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां कुछ अज्ञात हमलावरों और गुरभेज सिंह के बीच झड़प होती है, जो देखते ही देखते एक खूनी वारदात में तब्दील हो जाती है. हमलावरों के पास धारदार चाकू थे. उन्होंने गुरभेज पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए. गुरभेज के साथ मौजूद दो अन्य लोग भी इस हमले की चपेट में आ गए. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और इमरजेंसी रेस्क्यू टीम सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. खून से लथपथ गुरभेज ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था. इस हमले में घायल हुए एक अन्य 30 वर्षीय शख्स को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जिसे इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है.

कौन थे गुरभेज सिंह?

इस खूनी ड्रामे का शिकार हुए 26 साल के गुरभेज सिंह पंजाब के तरन तारन जिले के मेहदीपुर गांव के रहने वाले थे. गुरभेज एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनके पिता मुख्तियार सिंह के पास तरन तारन में महज पांच एकड़ जमीन है. अपनी इस सीमित संपत्ति के बावजूद, पिता ने बेटे को एक शानदार जिंदगी देने के लिए दिन-रात एक कर दिया था. गुरभेज ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद विदेश जाने का मन बनाया था. एक इमिग्रेशन एजेंट के जरिए परिवार ने अपनी गाढ़ी कमाई और जमीन के भरोसे करीब 24 लाख रुपये जुटाए, ताकि गुरभेज 2022 में यूनाइटेड किंगडम (UK) में सेटल हो सके. दो साल तक लंदन में रहकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे गुरभेज को क्या पता था कि जिस यूके को वह अपनी तकदीर बदलने की जगह मान रहे हैं, वहीं उनकी जिंदगी का सफर इस तरह खत्म हो जाएगा.

7 संदिग्ध गिरफ्तार, पर कातिल अब भी दूर?

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई. 'स्पेशलिस्ट क्राइम कमांड' की डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर एलिसन फॉक्सवेल खुद इस केस की कमान संभाल रही हैं. पुलिस को शक है कि यह घातक हमला बुधवार की रात करीब 12:30 बजे हुआ था. घटनास्थल और उसके आसपास से पुलिस ने शुरुआत में सात संदिग्धों को हिरासत में लिया था. लेकिन इस केस में ट्विस्ट तब आया जब शुरुआती पूछताछ के बाद छह लोगों को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के रिहा कर दिया गया. वहीं, एक संदिग्ध को जमानत दे दी गई है, जिससे पुलिस समय-समय पर पूछताछ करेगी. इसका मतलब यह है कि मुख्य कातिल और हत्या की असली वजह तक पुलिस के हाथ अब भी नहीं पहुंच पाए है.

'हमें सीसीटीवी चाहिए...'

डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर एलिसन फॉक्सवेल ने मीडिया को बताया कि जासूसों की एक टीम गुरभेज के परिवार और उनके प्रियजनों को इस दुख की घड़ी में सपोर्ट कर रही है. इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से आगे आने की अपील की है. फॉक्सवेल ने कहा, 'हमारा दृढ़ विश्वास है कि बुधवार रात करीब 12:30 बजे नॉर्थ रोड और डॉर्मर्स वेल लेन के चौराहे पर स्थित दुकान के बाहर ही उन पर हमला हुआ था. मैं उस इलाके के हर उस नागरिक से, जिसके घर या दुकान में सीसीटीवी लगा है, या जो उस वक्त वहां से गुजर रहा था, अपील करती हूं कि वे कृपया पुलिस से संपर्क करें. आपका एक छोटा सा सुराग इस परिवार को इंसाफ दिला सकता है.'

क्या लंदन अब प्रवासियों के लिए सुरक्षित नहीं रहा?

इस घटना ने एक बार फिर ब्रिटेन में बढ़ते 'नाइफ क्राइम' और एशियाई मूल के लोगों, खासकर भारतीय छात्रों और प्रवासियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. साउथॉल, जिसे लंदन का 'छोटा पंजाब' भी कहा जाता है, वहां इस तरह की सरेआम वारदात होना बेहद चिंताजनक है. पंजाब में बैठा गुरभेज का परिवार इस वक्त गहरे सदमे में है. वे न सिर्फ अपने जवान बेटे को खोने के गम से जूझ रहे हैं, बल्कि उनके सामने अब इंसाफ पाने की एक लंबी और थका देने वाली कानूनी लड़ाई भी खड़ी है.

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