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गाजा युद्ध के बीच पाकिस्तान में हमास, LeT से बढ़ती नजदीकी भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

गाजा युद्ध के बीच पाकिस्तान की धरती पर हमास की मौजूदगी और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से बढ़ती नजदीकी ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ वैचारिक समर्थन है या भारत के खिलाफ किसी बड़े साजिश की भूमिका तैयार हो रही है. आखिर पाकिस्तान चाहता क्या है?

गाजा युद्ध के बीच पाकिस्तान में हमास, LeT से बढ़ती नजदीकी भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?
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( Image Source:  ani )

इजरायल हमास युद्ध ने पश्चिम एशिया को झकझोर दिया. अब इसके आफ्टरशॉक्स दक्षिण एशिया तक महसूस किए जा रहे हैं. न्यूज 18 की हालिया रिपोर्ट्स और खुफिया संकेतों के मुताबिक हमास के प्रतिनिधियों और नेटवर्क की पाकिस्तान में सक्रियता बढ़ी है और उनका संपर्क भारत-विरोधी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से बताया जा रहा है. यह घटनाक्रम सिर्फ पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति या मध्य-पूर्व के संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ भी सकता है.

खुफिया सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान के गुजरांवाला में हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक कार्यक्रम में हमास के आतंकवादी कमांडर नाजी जहीर की मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदगी से साफ है कि कैसे स्थानीय आतंकवादी नेटवर्क वैश्विक जिहादियों को एक मंच दे रहे है. यह दुनिया के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पाकिस्तान हर वैश्विक जिहादी को पनाह देगा.

पाक में हमास को पनाह

पाकिस्तान एक तरफ सार्वजनिक रूप से गाजा संघर्ष में निष्पक्षता का दावा करता है. दूसरी तरफ अब वो हमास के नेताओं को लश्कर के कैंप में पनाह दे रहा है. उन्होंने कहा, "मेजबान कोई आम राजनीतिक पार्टी नहीं थी." यह कार्यक्रम पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग द्वारा आयोजित किया गया था, जो लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा है. साल 2008 के मुंबई हमलों के पीछे यही समूह था.

नाजी जहीर कौन?

नाजी जहीर हमास का विशेष प्रतिनिधि कमांडर है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, खासकर दक्षिण एशिया में काम करता है, जहां उसने दूसरे आतंकवादी समूहों के साथ संबंध बनाने का काम किया है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तानी कार्यक्रमों में उसकी मौजूदगी ने सुरक्षा जानकारों के बीच हमास और पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के बीच सहयोग को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.

खास बात यह है कि हमास नेता नाजी हजीर की पाकिस्तान कोई एक बार की मौजूदगी नहीं थी, बल्कि एक पैटर्न का हिस्सा था. 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमास के हमलों के बाद से, जहीर पाकिस्तान भर में रैलियों और सम्मेलनों में बार-बार सामने आया है.

7 अक्टूबर 2023 की सुबह हमास फिलिस्तीनी आतंकवादी और राजनीतिक समूह जो गाजा पट्टी पर शासन करता है (ने इजराइल पर बड़े पैमाने पर) समन्वित हमला किया था. यह आधुनिक इतिहास में इजराइली क्षेत्र पर सबसे घातक हमला था, जो चल रहे युद्ध का कारण बना.

नाजी जहीर को 2025 की शुरुआत में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के एक हाई-प्रोफाइल दौरे पर भी देखा गया था. सूत्रों ने कहा, "यह एक संस्थागत कदम था और कोई आकस्मिक उपस्थिति नहीं थी." रिपोर्ट्स बताती हैं कि जहीर ने जैश-ए-मोहम्मद के सहयोगियों के साथ मंच साझा किया है.

इसका क्या मतलब है

सूत्रों के मुताबिक, "यह इस बात का एक उदाहरण है कि कैसे पाकिस्तान स्थित समूह अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी समूहों को लॉजिस्टिक, वैचारिक और राजनीतिक सहायता प्रदान करते हैं." जबकि पाकिस्तानी नेताओं ने गाजा में शांति सैनिकों के रूप में सैनिकों को तैनात करने का विचार दिया, ऐसे कार्यक्रम दिखाते हैं कि इस्लामाबाद सीधे तौर पर हमास को कैसे वैधता दे रहा है.

भारत के लिए खतरा कैसे?

नाजी जहीर ने कहा, "ये बातचीत खतरे की घंटी बजाती हैं और हमास के गुर्गों और पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों के बीच सहयोग दिखाती हैं और भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए जोखिम दिखाती हैं."

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