Elon Musk के AI टूल Grok पर क्यों मचा बवाल, क्या ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों में हुआ इस्तेमाल? FAQ से जानें हर सवाल का जवाब
अमेरिका में एक नया विवाद सामने आया है. एक कानूनी दस्तावेज में दावा किया गया है कि एलन मस्क की कंपनी xAI द्वारा विकसित AI मॉडल ग्रोक (Grok) का उपयोग अमेरिकी सैन्य अभियानों में किया गया.
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैन्य तकनीक को लेकर अमेरिका में एक नया विवाद सामने आया है. एक कानूनी दस्तावेज में दावा किया गया है कि एलन मस्क की कंपनी xAI द्वारा विकसित एआई मॉडल ग्रोक (Grok) का उपयोग अमेरिकी सैन्य अभियानों में किया गया.
इस खुलासे के बाद AI की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य तकनीक को लेकर नई बहस छिड़ गई है. मामला केवल एआई तक सीमित नहीं है. यह विवाद xAI के विशाल डेटा सेंटर, बिजली आपूर्ति, पर्यावरणीय नियमों और अमेरिकी रक्षा परियोजनाओं से भी जुड़ा हुआ है.
FAQ के जरिए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है?
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा अदालत में पेश किए गए एक कानूनी दस्तावेज में दावा किया गया है कि xAI का एआई मॉडल "Grok Gov" अमेरिकी सेना की एआई आधारित लक्ष्य पहचान प्रणाली "प्रोजेक्ट मेवन" में इस्तेमाल किया जा रहा है.
दस्तावेज के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग के AI कार्यक्रमों में ग्रोक मॉडल को शामिल किया गया है. दावा किया गया कि यह सिस्टम सैन्य लक्ष्यों की पहचान, विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया को तेज बनाने में मदद करता है. यही वजह है कि पहली बार ग्रोक का नाम सीधे सैन्य अभियानों से जोड़ा जा रहा है.
प्रोजेक्ट मेवन अमेरिकी रक्षा विभाग की एक AI आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य युद्धक्षेत्र में उपलब्ध डेटा का विश्लेषण कर सैन्य निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाना है. यह परियोजना ड्रोन फुटेज, निगरानी डेटा और अन्य सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित लक्ष्यों की पहचान में सहायता करती है.
पेंटागन के एआई प्रमुख कैमरून स्टेनली के शपथपत्र में दावा किया गया कि "ग्रोक गव मॉडल" अमेरिकी सेना के एआई-सहायता प्राप्त लक्ष्यीकरण कार्यक्रम, प्रोजेक्ट मेवन में एकीकृत है. दस्तावेज में यह भी कहा गया कि इस तकनीक ने सैन्य अभियानों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद की.
दस्तावेज में उल्लेख किया गया कि प्रोजेक्ट मेवन के एआई सिस्टम ने "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के दौरान अमेरिकी सेना को 96 घंटों के भीतर 2,000 से अधिक हथियारों को 2,000 अलग-अलग लक्ष्यों पर तैनात करने में मदद की.
xAI के डेटा सेंटर को बिजली देने के लिए उपयोग किए जा रहे गैस टर्बाइनों को लेकर पर्यावरणीय विवाद चल रहा है. NAACP द्वारा दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने कथित तौर पर बिना उचित अनुमति के कई टर्बाइन संचालित किए और इससे स्थानीय समुदायों पर प्रदूषण का प्रभाव पड़ा.
कंपनी का तर्क है कि उपयोग किए जा रहे टर्बाइन अस्थायी और मोबाइल प्रकृति के हैं, इसलिए वे कुछ नियामकीय आवश्यकताओं से छूट के दायरे में आते हैं. इसी आधार पर कंपनी अदालत में अपना पक्ष रख रही है.
रिपोर्ट के अनुसार, प्रोजेक्ट मेवन पहले एंथ्रोपिक के एआई मॉडल पर आधारित था. बाद में सरकार ने अन्य कंपनियों के समाधान तलाशने शुरू किए. बताया गया है कि इसके बाद ओपनएआई, गूगल और xAI जैसी कंपनियां रक्षा क्षेत्र की एआई परियोजनाओं में चर्चा का केंद्र बनीं.




