ट्रंप की जान को खतरा! क्या है इजरायल की नई खुफिया रिपोर्ट, जिससे अमेरिका में मची सनसनी, 7 पॉइंट्स में जानें पूरा मामला
इजरायल ने अमेरिका को ऐसी नई खुफिया जानकारी दी है, जिसमें ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित साजिश रचने का आरोप लगाया गया है.
Donald Trump assassination plot
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इजरायल ने अमेरिका को ऐसी नई खुफिया जानकारी दी है, जिसमें ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित साजिश रचने का आरोप लगाया गया है.
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच सीजफायर को बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं. रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिका अलर्ट पर है, वहीं कई सवाल भी उठने लगे है कि क्या यह केवल एक खुफिया चेतावनी है या क्षेत्र में बढ़ते तनाव का संकेत?
7 पॉइंट्स में जानें पूरा मामला
1. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने पेंटागन के साथ ऐसी खुफिया जानकारी साझा की है, जिसमें दावा किया गया कि ईरान एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित साजिश पर काम कर रहा है. यह जानकारी अमेरिका के ईरान पर संभावित नए सैन्य कदमों पर विचार के दौरान साझा की गई.
2. सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान की कथित हत्या की योजना को लेकर नई चेतावनी इसी सप्ताह मिली. वहीं एक अन्य सूत्र ने कहा कि अमेरिकी एजेंसियों को पिछले कुछ सप्ताह से इस तरह की गतिविधियों के संकेत मिल रहे थे, लेकिन इजरायल की ओर से मिली सूचना एक विशेष कथित साजिश से जुड़ी थी.
3. रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायल की ओर से साझा की गई खुफिया जानकारी ट्रंप के फैसलों को प्रभावित करने का प्रयास भी हो सकती है. उस समय अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ाने और युद्धविराम बनाए रखने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा था.
4. ईरान लंबे समय से डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कड़े बयान देता रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या है, जिसके लिए तेहरान अमेरिका को जिम्मेदार ठहराता है. रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अयातुल्ला अली खामेनेई के हुए अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने ट्रंप विरोधी नारे लगाए और एक बैनर भी लहराया, जिस पर लिखा था.
5. नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा "वे अमेरिकी नेता - यानी मुझे - को खत्म करना चाहते हैं." इसके बाद उन्होंने आगे कहा "मेरा नाम हर लिस्ट में है. मैंने आज सुबह देखा कि मेरा नाम उनकी हर एक लिस्ट में है और अब तक, मुझे लगता है कि मैं थोड़ा भाग्यशाली रहा हूं, लेकिन शायद यह ज्यादा देर तक न चले."
6. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के खिलाफ रणनीति को लेकर ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेद रहे हैं. नेतन्याहू सैन्य अभियान जारी रखने के पक्षधर बताए जाते हैं, जबकि ट्रंप संघर्ष को सीमित रखने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के समर्थक रहे हैं.
7. अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने एक सीजफायर समझौता हुआ था, लेकिन तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. बीते कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में फिर से मिसाइलें गरज रही है.




