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Iran America के बीच बमबारी जारी, होर्मुज पर ईरान का अल्टीमेटम; 8 Point में समझिए 24 घंटे में क्या-क्या हुआ? VIDEO

युद्धविराम टूटने के बाद अमेरिका ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, जवाब में ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए.

Iran America के बीच बमबारी जारी,  होर्मुज पर ईरान का अल्टीमेटम; 8 Point में समझिए 24 घंटे में क्या-क्या हुआ? VIDEO
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी6 Mins Read

Published on: 10 July 2026 12:11 AM

कुछ समय की शांति के बाद एक बार फिर पश्चिम एशिया बारूद के ढेर पर खड़ा दिखाई दे रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम अब लगभग बेअसर हो चुका है. गुरुवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नए सैन्य हमले किए, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव कई गुना बढ़ गया. हालात ऐसे बन गए हैं कि अब दुनिया को एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका सताने लगी है.

इस नए दौर की शुरुआत तब हुई, जब अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए. वॉशिंगटन का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. अमेरिका का दावा है कि उसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था.

लेकिन ईरान ने भी चुप्पी नहीं साधी. कुछ ही घंटों बाद उसने मिसाइलों और ड्रोन के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. तेहरान ने साफ कहा कि यदि अमेरिका ने आगे भी हस्तक्षेप किया तो उसका जवाब पहले से कहीं ज्यादा कड़ा होगा.

1. 90 से ज्यादा ठिकानों पर अमेरिकी हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इस अभियान में ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन स्टोरेज, तटीय निगरानी केंद्र और सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े कई अहम ठिकाने शामिल थे. अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहा था.

2. परमाणु संयंत्र के आसपास भी हुए धमाके

ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों में बुशेहर प्रांत के कई सैन्य ठिकाने प्रभावित हुए. इसी इलाके में देश का एकमात्र संचालित परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी स्थित है, जिसे रूस की मदद से बनाया गया था. हालांकि ईरानी अधिकारियों ने कहा कि रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन उसके आसपास का इलाका हमलों की चपेट में आया. इसके अलावा बुशेहर के मछली पकड़ने वाले बंदरगाह और कई अन्य सैन्य परिसरों को भी निशाना बनाया गया.

3. बंदर अब्बास और रेलवे नेटवर्क पर भी हमला

ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में भी जोरदार विस्फोटों की खबरें सामने आईं. स्थानीय मीडिया के अनुसार, आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया.इसके अलावा रूस और चीन के साथ व्यापार के लिए इस्तेमाल होने वाले एक महत्वपूर्ण रेलवे पुल को भी नुकसान पहुंचा. मशहद जाने वाले मार्ग के कुछ अन्य पुलों पर भी हमले किए गए, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई.

4. ईरान का जवाब, कई देशों में दागीं मिसाइलें

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए. कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया. कुवैती सेना ने दावा किया कि उसने तीन बैलिस्टिक मिसाइल, एक क्रूज मिसाइल और दस ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया. हालांकि गिरते मलबे की चपेट में आकर एक व्यक्ति घायल हो गया.

5. कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला

ईरानी सेना ने कहा कि उसने कतर में स्थित अमेरिकी अर्ली वार्निंग फैसिलिटी और सैटेलाइट एंटीना को निशाना बनाया. इसी देश में अल उदैद एयर बेस मौजूद है, जिसे मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है. कतर ने घटना के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की.

6. बहरीन और जॉर्डन भी बने निशाना

ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय से जुड़े ईंधन भंडारण केंद्र को निशाना बनाया. हालांकि बहरीन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया.

उधर जॉर्डन में अमेरिकी सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले अजराक एयर बेस पर भी ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया. जॉर्डन ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया और किसी तरह के बड़े नुकसान की सूचना नहीं है.

7. खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच बढ़ा तनाव

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में चल रही थीं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच लागू अंतरिम युद्धविराम अब प्रभावी नहीं रह गया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीतिक बातचीत के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं.

8. होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर बढ़ी चिंता

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने आगे सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो उसका जवाब और भी कठोर होगा. हालांकि ईरान का कहना है कि जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन उसने साफ कर दिया कि इस समुद्री मार्ग का संचालन उसकी शर्तों पर ही होगा.

पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात अब केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह गए हैं. खाड़ी के कई देश सीधे या परोक्ष रूप से इस संघर्ष की चपेट में आ चुके हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति इस संकट को रोक पाएगी या यह टकराव और बड़े युद्ध का रूप ले लेगा.

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