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BNP वाले तारिक रहमान का बंगाल कनेक्शन, चुनावी माहौल में ममता के भाई वाले अंदाज़ के मायने क्या?

बांग्लादेश के आम चुनाव में BNP को दो-तिहाई बहुमत मिलने के बाद तारिक रहमान की वापसी लगभग तय मानी जा रही है. ममता बनर्जी का ‘तारिक-भाई’ वाला ट्वीट चर्चा में बन गया है जिसके बाद तारिक रहमान का बंगाल कनेक्शन भी सामने आया है.

BNP वाले तारिक रहमान का बंगाल कनेक्शन, चुनावी माहौल में ममता के भाई वाले अंदाज़ के मायने क्या?
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( Image Source:  ANI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Updated on: 14 Feb 2026 10:31 AM IST

ढाका की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है. गुरुवार को आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को प्रचंड जनादेश मिला है और करीब दो दशक बाद पार्टी की सत्ता में वापसी हो रही है. दो-तिहाई बहुमत के साथ उभरी इस जीत ने न केवल बांग्लादेश की राजनीति का नक्शा बदला है, बल्कि भारत के पश्चिम बंगाल की राजनीतिक बहसों को भी नई दिशा दी है. जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री का भाई वाला अंदाज चर्चा में है. तो आइए इस खबर में ममता के 'भाई वाले अंदाज' के मायने और तारिक रहमान का बंगाल कनेक्शन जानते हैं?

BNP वाले तारिक रहमान का बंगाल कनेक्शन

बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान का पश्चिम बंगाल से एक दिलचस्प पारिवारिक लगाव है. उनकी मां और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का जन्म पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था. इस लिहाज से देखा जाए तो बंगाल को तारिक रहमान का ननिहाल भी माना जाएगा. यही कारण है कि उनकी जीत पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी खास चर्चा देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का उन्हें ‘तारिक-भाई’ कहकर बधाई देना भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.

खालिदा जिया का जन्म 1945 में जलपाईगुड़ी में हुआ था, जो उस समय ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रेसीडेंसी के अविभाजित दिनाजपुर जिले का हिस्सा था. देश विभाजन के बाद उनका परिवार तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के दिनाजपुर में जाकर बस गया. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिनाजपुर मिशनरी स्कूल से की और बाद में 1960 में दिनाजपुर गर्ल्स स्कूल में दाखिला लिया.

ममत बनर्जी ने ट्वीट कर क्‍या कहा?

तारिक रहमान, जिन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत दर्ज की, अब प्रधानमंत्री पद की कमान संभालने की तैयारी में हैं. उनकी जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए कहा कि 'बांग्लादेश के मेरे सभी भाइयों-बहनों और वहां के समस्त लोगों को मेरी हार्दिक बधाई और शुभोनंदन. आप सभी को अग्रिम रमजान मुबारक. इस शानदार जीत के लिए मेरे तारिक-भाई, उनकी पार्टी और सभी दलों को मेरी शुभकामनाएं. दुआ है कि आप सभी स्वस्थ और खुशहाल रहें.'

ममता बनर्जी के ‘तारिक-भाई’ संदेश के क्या मायने हैं?

BNP वाले तारिक तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर भाई वाले संदेश की बात करे तो ममता बनर्जी का यह ट्वीट केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है. उन्होंने अपने संदेश में भारत-बांग्लादेश के रिश्तों के सौहार्दपूर्ण बने रहने की उम्मीद जताई, जो मौजूदा राजनीतिक नजारे में खास महत्व रखता है.

पश्चिम बंगाल की राजनीति में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और अल्पसंख्यक मुद्दे अक्सर चुनावी बहस के केंद्र में रहते हैं. ऐसे में ममता का यह कहना कि, “हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश हमेशा हमारे साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा” कूटनीतिक संतुलन और शांति का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस वर्ष बंगाल में होने वाले चुनाव को देखते हुए यह बयान घरेलू राजनीतिक संदर्भ में भी अहम हो सकता है. इसे एक तरफ पड़ोसी देश के साथ सकारात्मक संबंधों का संकेत माना जा रहा है, तो दूसरी ओर राज्य की सामाजिक और चुनावी गणित के नजरिए से भी इसकी व्याख्या की जा रही है.

BNP की जीत कितनी बड़ी है?

आधिकारिक घोषणा से पहले आए नतीजों और स्थानीय मीडिया के अनुमानों के मुताबिक, BNP और उसके सहयोगियों ने 200 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. 299 सदस्यीय संसद में 150 का आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी था, जिसे पार्टी ने आराम से पार कर लिया. जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को लगभग 70–80 सीटों पर सिमटना पड़ा, जिससे कट्टरपंथी धड़े को बड़ा झटका लगा. 2008 से 2024 तक शेख हसीना की आवामी लीग के सत्ता में रहने के बाद यह बदलाव बांग्लादेश की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है.

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