आसिम मुनीर ने करवा ली इंटरनेशनल बेइज्जती! म्यूनिख में सिक्योरिटी वालीं ने मांग लिया ID Card- Video Viral
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर का आईडी कार्ड चेक करते सीक्रेट ऑफिसर का वीडियो वायरल. क्या यह रूटीन प्रक्रिया थी या इंटरनेशनल एंबैरसमेंट? जानिए पूरा मामला, विरोध प्रदर्शन और JSMM की आपत्ति. वायरल वीडियो.
जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित प्रतिष्ठित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कॉन्फ्रेंस स्थल के प्रवेश द्वार पर एक सिक्योरिटी अधिकारी उन्हें उनका आईडी कार्ड ठीक से दिखाने के लिए कहते हुए नजर आता है. अधिकारी उनके गले में लटक रहे बैज की ओर इशारा कर उसे सामने घुमाने को कहता है. बस, यही कुछ सेकंड का नजारा अब सियासी और कूटनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है.
म्यूनिख में ID कार्ड पर अटके कदम? क्या हुआ था पूरा मामला
पाकिस्तान आर्मी चीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर जर्मनी के शहर म्यूनिख में आयोजित प्रतिष्ठित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंचे थे. यह कॉन्फ्रेंस हर साल दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों, कूटनीतिज्ञों और सुरक्षा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाती है, लेकिन कॉन्फ्रेंस स्थल पर प्रवेश से ठीक पहले एक ऐसा पल आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
क्या सच में सिक्योरिटी ने रोक लिया था आसिम मुनीर को?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एंट्री गेट के पास तैनात एक सिक्योरिटी अधिकारी ने मुनीर के नेम बैज पर हल्का टैप किया और उनके गले में लटक रहे आईडी कार्ड की ओर इशारा करते हुए उसे सामने घुमाने के लिए कहा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक रूटीन सिक्योरिटी प्रोटोकॉल था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे 'इंटरनेशनल बेइज्जती' के तौर पर पेश किया जाने लगा.
क्या यह सिर्फ सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया थी?
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस जैसे हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में सभी डेलीगेट्स, चाहे वे कितने भी बड़े पद पर हों, समान सुरक्षा जांच से गुजरते हैं. पहचान पत्र को स्पष्ट रूप से दिखाना वहां अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है. हालांकि, घटना का छोटा-सा वीडियो क्लिप संदर्भ से हटकर वायरल हुआ, जिससे अलग-अलग व्याख्याएं सामने आईं.
कॉन्फ्रेंस के बाहर विरोध क्यों हुआ?
जर्मनी स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन जय सिंध मुत्तहिदा महाज (JSMM) ने मुनीर की मौजूदगी पर कड़ा विरोध जताया. संगठन के सदस्यों ने कॉन्फ्रेंस स्थल के बाहर प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया.
JSMM ने किन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से की अपील?
JSMM के चेयरमैन शफी बुरफत ने एक औपचारिक बयान जारी कर यूनाइटेड नेशंस और यूरोपियन यूनियन, जर्मन सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने एक हाई-लेवल ग्लोबल फोरम में मुनीर की भागीदारी पर अफसोस जताया.
क्या इससे पाकिस्तान की छवि पर असर पड़ेगा?
म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस को वैश्विक शांति और सुरक्षा संवाद का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है. ऐसे में किसी भी प्रतिनिधि से जुड़ी छोटी घटना या विरोध प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बन सकता है. हालांकि, सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक तौर पर किसी तरह की अपमानजनक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है.





