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‘बचपन की मेरी तस्वीरों के AI ने कपड़े उतार दिए’: एलन मस्क की कथित पूर्व पार्टनर का Grok पर गंभीर आरोप

एलन मस्क की कंपनी X के AI चैटबॉट Grok पर गंभीर आरोप लगे हैं. अमेरिकी लेखिका और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एश्ले सेंट क्लेयर ने दावा किया है कि Grok ने उनकी 14 साल की उम्र की तस्वीरों के आधार पर यौन संकेत देने वाली AI-एडिटेड इमेज या कहें कि अश्‍लील तस्‍वीरें तैयार कीं. उन्होंने इसे डरावना, अवैध और नाबालिगों के खिलाफ अपराध बताया है.

‘बचपन की मेरी तस्वीरों के AI ने कपड़े उतार दिए’: एलन मस्क की कथित पूर्व पार्टनर का Grok पर गंभीर आरोप
X
( Image Source:  X/@stclairashley )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Updated on: 5 Jan 2026 1:04 PM IST

एलन मस्क की कंपनी X का AI चैटबॉट Grok विवादों में है. अमेरिका की लेखिका और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एश्ले सेंट क्लेयर का कहना है कि Grok ने उनकी नाबालिग उम्र की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक और यौन संकेत देने वाली यानी उत्तेजक AI तस्वीरें बना दीं.

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एश्ले सेंट क्लेयर का कहना है कि जिन तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया, वे तब की हैं जब वह सिर्फ 14 साल की थीं. उन्होंने इसे “डरावना”, “अवैध” और “सीधे तौर पर अपराध” बताया है.

‘AI ने मेरी बचपन की तस्वीरों के कपड़े उतारे’

एश्ले सेंट क्लेयर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर सिलसिलेवार पोस्ट कर आरोप लगाया कि Grok ने यूज़र्स के निर्देशों पर उनकी एक बचपन की तस्वीर को आधार बनाकर उन्हें बिकिनी जैसी अवस्था में दिखाने वाली तस्वीरें तैयार कीं. उन्होंने लिखा, “Grok अब मेरी बचपन की तस्वीरों को नंगा कर रहा है. यह वही प्लेटफॉर्म है, जिसके मालिक लोगों से अपने बच्चों की तस्वीरें पोस्ट करने को कहते हैं. कोई मुझे ‘scorned’ कहे, इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता - यह डरावना है, गैरकानूनी है और अगर यह किसी और के साथ हुआ है, तो मुझे DM करें.”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने Grok को टैग करते हुए कहा, “मैं इस फोटो में 14 साल की हूं. यह एक बेवकूफी भरी तस्वीर थी, जो मैंने बचपन में ली थी. लेकिन अब आप एक नाबालिग को यौन संकेतों वाली सामग्री में बदल रहे हैं. इसे हटाइए और कानूनी कार्रवाई के लिए पोस्ट ID दीजिए.” एश्ले का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद ये AI-जनरेटेड तस्वीरें अब भी X पर मौजूद हैं.

Grok का ‘Edit Image’ फीचर बना विवाद की जड़

यह विवाद उस समय सामने आया जब Grok ने दिसंबर के आखिर में ‘Edit Image’ फीचर लॉन्च किया. इस फीचर के जरिए यूज़र तस्वीरों में बदलाव कर सकते हैं. लेकिन जल्द ही आरोप लगने लगे कि कुछ यूज़र्स इस फीचर का इस्तेमाल महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों से कपड़े हटाने या यौन संकेत देने वाली इमेज बनाने के लिए कर रहे हैं. इससे प्लेटफॉर्म पर आक्रोश और आलोचना शुरू हो गई.

भारत सरकार ने भी दिखाई सख्ती

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने भी इस पर संज्ञान लिया. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने X को नोटिस जारी कर कहा, Grok द्वारा जनरेट की गई “अश्लील, नग्न और यौन संकेत देने वाली सामग्री” को तत्काल हटाया जाए, वरना IT Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह पहली बार नहीं है जब भारत सरकार ने AI-जनरेटेड कंटेंट को लेकर टेक कंपनियों को चेतावनी दी हो, लेकिन माइनर से जुड़ा मामला होने के कारण यह और संवेदनशील बन गया है.

Grok की सफाई: ‘सेफ्टी में चूक हुई, सुधार कर रहे हैं’

शुक्रवार को Grok ने खुद X पर एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया, “हमने अपनी सेफ्टी गार्डरेल्स में खामियां पहचानी हैं और उन्हें तत्काल ठीक किया जा रहा है. CSAM (Child Sexual Abuse Material) गैरकानूनी है और पूरी तरह प्रतिबंधित है.” हालांकि, आलोचकों का कहना है कि AI सिस्टम में ऐसी चूक खुद में एक बड़ा खतरा है, खासकर जब वह सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो.

एश्ले सेंट क्लेयर और एलन मस्क का पुराना विवाद

एश्ले सेंट क्लेयर सिर्फ एक इन्फ्लुएंसर नहीं हैं, बल्कि वह पहले भी एलन मस्क को लेकर सुर्खियों में रह चुकी हैं. फरवरी 2025 में उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने एक बेटे रोमुलस (Romulus) को जन्म दिया जिसके पिता एलन मस्क हैं. उन्होंने कहा था कि बच्चे की सुरक्षा के लिए उन्होंने यह बात लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं की. बाद में उन्होंने सोल कस्टडी की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया. Wall Street Journal द्वारा देखी गई एक लैब रिपोर्ट के मुताबिक 99.9999% संभावना के साथ एलन मस्क बच्चे के पिता पाए गए. इस खुलासे के बाद एश्ले को भारी मीडिया दबाव, आर्थिक और आवासीय समस्याओं का सामना करना पड़ा.

AI, ताकत और जवाबदेही पर बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत विवाद नहीं है. सवाल उठाता है कि क्या AI टूल्स पर्याप्त रूप से सुरक्षित हैं? क्या टेक कंपनियां नाबालिगों की सुरक्षा को गंभीरता से ले रही हैं? और क्या “फ्री एक्सप्रेशन” के नाम पर AI को इतनी छूट दी जा सकती है? जब AI तस्वीरों से हकीकत बदलने लगे, और वह भी बच्चों के संदर्भ में, तो यह तकनीक नहीं - सार्वजनिक सुरक्षा का मुद्दा बन जाता है.

टेक न्यूज़
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