5 नवंबर को विराट कोहली के 38वें जन्मदिन पर फैंस उनके रिकॉर्ड्स और शानदार पारियों का जश्न मना रहे हैं. लेकिन उनकी पहचान सिर्फ रनों और शतकों तक सीमित नहीं है. आक्रामक अंदाज और सख्त अनुशासन ने उन्हें एक अलग कप्तान बनाया. हालांकि, इसी रवैये को लेकर कई बार सवाल भी उठे. अनिल कुंबले से मतभेद, सीनियर खिलाड़ियों के चयन और ड्रेसिंग रूम में उनके प्रभाव पर बहस हुई. क्या विराट की सख्त कप्तानी टीम इंडिया की ताकत बनी या उनका आक्रामक स्वभाव दूसरों पर हावी होने लगा था?