भारत अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रूस से तुंगुस्का वायु रक्षा प्रणाली को शामिल कर रहा है. यह कदम खास तौर पर ड्रोन झुंड (स्वार्म ड्रोन) जैसे उभरते खतरों से निपटने के लिए उठाया गया है, जो आधुनिक युद्ध में तेजी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं.