भारत अब पेट्रोल से आगे बढ़कर E100 यानी लगभग 100% एथेनॉल आधारित ईंधन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. सरकार का दावा है कि इससे विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और देश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा. लेकिन इस बदलाव की कीमत कौन चुकाएगा? विशेषज्ञों का मानना है कि E100 के लिए ऑटो कंपनियों को इंजन और फ्यूल सिस्टम में बड़े बदलाव करने होंगे, जिसका असर नई कारों की कीमत पर पड़ सकता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या E100 सचमुच आम लोगों के लिए सस्ता ईंधन साबित होगा या फिर नई कार खरीदना पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा?