आजकल सेकंड हैंड स्मार्टफोन खरीदना पैसे बचाने का अच्छा तरीका माना जा रहा है, लेकिन बिना जांच-पड़ताल के खरीदना भारी पड़ सकता है. कई बार पुराने फोन चोरी के, लॉक्ड या खराब बैटरी वाले निकलते हैं, जिससे खरीदार को नुकसान उठाना पड़ता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खरीदने से पहले एक सीक्रेट कोड डायल करके फोन का IMEI और उसकी असल जानकारी जरूर जांचनी चाहिए. IMEI नंबर से यह पता लगाया जा सकता है कि फोन चोरी का है या नहीं और उसकी पहचान सही है या नहीं. फोन की बैटरी हेल्थ, सिक्योरिटी अपडेट और ग्रेडिंग सिस्टम की जांच करना भी बेहद जरूरी है. LCI (Liquid Contact Indicator) देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि फोन कभी पानी में भीगा है या नहीं. खरीदने से पहले फोन के सभी फीचर्स, कैमरा, डिस्प्ले, स्पीकर और नेटवर्क को अच्छी तरह टेस्ट करना चाहिए. थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप हजारों रुपये बचा सकते हैं और सेकंड हैंड फोन खरीदते समय धोखाधड़ी से बच सकते हैं.