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अलवर के सेटेलाइट अस्पताल में मरीज का चल रहा था इलाज, तभी भरभराकर गिर गई छत; डॉक्टर और बच्ची घायल, क्या बोली कांग्रेस?

राजस्थान के अलवर स्थित सेटेलाइट अस्पताल में मरीजों की जांच के दौरान कमरे की छत का प्लास्टर और पंखा अचानक गिर गया, जिससे डॉक्टर और एक बच्ची को काफी चोटें आईं. घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई.

Alwar Government Hospital Ceiling Collapse
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अलवर के सेटेलाइट अस्पताल में छत का प्लास्टर और पंखा गिरा

( Image Source:  x.com/VinodJakharIN )

Alwar Government Hospital Ceiling Collapse: राजस्थान के अलवर जिले के कालाकुआं स्थित सेटेलाइट अस्पताल में सोमवार को ऐसा हादसा हुआ, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. मरीजों से भरे एक कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा. प्लास्टर के साथ छत पर लगा पंखा भी टूटकर नीचे आ गिरा. घटना इतनी अचानक हुई कि डॉक्टर, मरीज और उनके परिजनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

हादसा अस्पताल के कमरे नंबर-7 में हुआ, जहां डॉक्टर सीताराम मरीजों की जांच कर रहे थे. कमरे में कई मरीज और उनके परिजन मौजूद थे. अचानक लेंटर के नीचे का प्लास्टर टूटकर गिरा और उसके साथ पंखा भी नीचे आ गिरा. इसकी चपेट में डॉक्टर सीताराम और वहां मौजूद एक बालिका आ गए. दोनों घायल हो गए, जबकि अन्य लोगों ने किसी तरह खुद को बचाया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले जोरदार आवाज आई और फिर देखते ही देखते छत का प्लास्टर गिरने लगा. पंखा भी अपनी जगह से उखड़कर नीचे आ गिरा. घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। कई लोग तुरंत कमरे से बाहर भागे और कुछ देर के लिए पूरे वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

अस्पताल स्टाफ ने संभाली स्थिति

हादसे के तुरंत बाद अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा. घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और सुरक्षा के मद्देनजर कमरे को खाली करा दिया गया. अस्पताल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी अन्य मरीज को नुकसान न पहुंचे.

प्रशासन ने शुरू कराई जांच

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल की पीएमओ प्रमिला ने जिला प्रशासन को सूचना दी. प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीडब्ल्यूडी की टीम को अस्पताल भेजने का फैसला किया. टीम यह जांच करेगी कि प्लास्टर गिरने की वजह क्या थी और क्या अस्पताल भवन के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का खतरा मौजूद है.

जर्जर भवन पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद अस्पताल भवन की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं. जिस कमरे में रोजाना डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं, वहां इस तरह का हादसा होना चिंता का विषय माना जा रहा है. मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर भवन पूरी तरह सुरक्षित होना चाहिए ताकि इलाज कराने आए लोगों की जान जोखिम में न पड़े.

कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला

घटना के बाद कांग्रेस और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अलवर के सेटेलाइट अस्पताल की छत से गिरा प्लास्टर राज्य सरकार की लापरवाही और जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था की कहानी बयां करता है.

कांग्रेस ने सवाल किया कि जहां लोग अपनी जान बचाने आते हैं, वहीं उनकी सुरक्षा खतरे में क्यों है. उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी सवाल किया कि क्या वे ऐसे अस्पताल में अपना इलाज कराना पसंद करेंगे.

अब जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की टीम अस्पताल भवन की जांच कर रही है. प्रशासन का कहना है कि यदि भवन के अन्य हिस्सों में भी कोई खतरा पाया जाता है तो तत्काल आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो.

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