22 अप्रैल कश्मीर के पहलगाम हमले की एक दर्दनाक याद दिलाता है, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. एक साल बाद भी उस घटना का दर्द, सन्नाटा और कई सवाल आज भी बाकी हैं. कश्मीर की वादियों में शुरू हुई एक शांत सुबह कुछ ही पलों में एक भयानक त्रासदी में बदल गई. कई परिवार बिछड़ गए, कई जिंदगियां खत्म हो गईं और यादें वहीं ठहर गईं. यह वीडियो उन लोगों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई और उन परिवारों के लिए है जो आज भी उस दर्द के साथ जी रहे हैं. इसमें उस घटना के भावनात्मक असर, खबरों के पीछे छिपी इंसानी कहानियों और इस उम्मीद को दिखाया गया है कि ऐसी त्रासदी फिर कभी न हो.