भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम प्रतिभा, सफलता और विवाद—तीनों का प्रतीक रहा है. डेब्यू के पहले तीन टेस्ट मैचों में लगातार शतक जड़ने वाले अजहरुद्दीन ने अपनी कलाई के जादुई शॉट्स और आक्रामक कप्तानी से भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दी. लेकिन 1999–2000 का मैच फिक्सिंग स्कैंडल उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. बैन हटने के बावजूद उनकी छवि और विरासत पर लगे सवाल कभी पूरी तरह खत्म नहीं हो सके. यह कहानी एक क्रिकेटिंग आइकन के उत्थान और पतन दोनों को बयां करती है.