10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आयोजन को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल है. जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की कई परतें लगाई गई हैं और पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं. रिपोर्ट में 23 हजार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों, 221 कंपनियों और 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का दावा किया गया है, लेकिन इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है; सुरक्षा इंतजामों के कारण मध्य दिल्ली में आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई गई है.