ध्रुव राठी ने PM मोदी पर कसा तंज, राष्ट्रपति से मिले INDIA Bloc के नेता; राहुल बोले- सरकार की नींव हिल गई है-UPDATES
INDIA गठबंधन के 10 नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायतों और SIR के मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा, जबकि विजय चौक पर विपक्षी नेताओं का धरना जारी रहा. वहीं, ध्रुव राठी ने दिल्ली पहुंचने के बाद मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए और प्रदर्शन में भीड़ नहीं आने के दावों पर तंज कसा.
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है. शुक्रवार, 9 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपने के लिए राष्ट्रपति भवन का रुख किया. संसद से निकले विपक्षी सांसदों को विजय चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद कई नेता वहीं धरने पर बैठ गए. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं.
इसी बीच, ध्रुव राठी दिल्ली पहुंच गए हैं. उन्होंने मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों को लेकर सवाल उठाया है. राठी ने लोगों से CJP के 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आईटी सेल के लोग कहते हैं कि विपक्ष के प्रदर्शन में भीड़ नहीं जुटती, तो फिर इतनी पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं?
INDIA गठबंधन के प्रदर्शन और ध्रुव राठी के बयान से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- राष्ट्रपति भवन पहुंचे विपक्ष के 10 नेता: INDIA गठबंधन के 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपने के लिए राष्ट्रपति भवन का रुख किया. प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, एमए बेबी, डी. राजा, राजीव राय, सुप्रिया सुले, उमर अब्दुल्ला, मनोज झा और थोल थिरुमावलवन शामिल थे.
- विजय चौक पर पुलिस ने रोका मार्च: विपक्षी सांसद संसद भवन से ‘सेव डेमोक्रेसी’ का बैनर लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़े. विजय चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च रोक दिया, जिसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा, डीके शिवकुमार, केसी वेणुगोपाल और महुआ मोइत्रा समेत कई नेता धरने पर बैठ गए.
- ध्रुव राठी ने मेट्रो पाबंदियों पर सवाल उठाए: साझा किए गए इंस्टाग्राम वीडियो के मुताबिक, ध्रुव राठी ने कहा कि वह दिल्ली पहुंच गए हैं. उन्होंने दिल्ली में मेट्रो और रेल पर लगी पाबंदियों को लेकर सवाल किया कि जब विरोधियों के प्रदर्शन में भीड़ नहीं आने का दावा किया जाता है, तो फिर इतनी पाबंदियों की जरूरत क्यों पड़ रही है?
- 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास पर रोक: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए जाने की व्यवस्था की गई. यह कदम 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शनों के मद्देनजर उठाया गया. यात्रियों को स्टेशन और रूट की स्थिति की पुष्टि करके ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान अनियमितताएं हुई हैं. ये विपक्ष के आरोप हैं; चुनाव आयोग ने कहा है कि संस्थागत विचार-विमर्श में अलग-अलग राय आना सामान्य है और उसके आदेश कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जारी होते हैं.
- 13.8 करोड़ नाम बहाल करने की मांग: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रदर्शन स्थल पर कहा कि विपक्ष की मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR पर रोक और मतदाता सूची से हटाए गए 13.8 करोड़ लोगों के नाम बहाल करना शामिल है. यह संख्या विपक्ष की ओर से उठाई गई मांग का हिस्सा है; इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित अंतिम आंकड़े की तरह प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए.
- अभिषेक बनर्जी ने आपराधिक कार्रवाई की मांग की: तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल पद से हटाना पर्याप्त नहीं होगा. उन्होंने उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग भी उठाई। यह उनकी राजनीतिक मांग है, किसी अदालत द्वारा तय किया गया निष्कर्ष नहीं.
- राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना: ज्ञापन सौंपने से पहले विपक्षी सांसदों की बैठक में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनका आंदोलन सरकार की नींव हिला रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि समस्या केवल ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं है और सरकार को बदलने की जरूरत है. ये राहुल गांधी के राजनीतिक बयान हैं.
- चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट भी मुद्दा: यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है, जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्तियां दर्ज की थीं, जिनमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल थे. चुनाव आयोग का कहना है कि संस्थागत विचार-विमर्श में मतभेद और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं.
- 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी: INDIA गठबंधन के नेताओं का राष्ट्रपति से मिलना और अगले दिन जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन, दोनों घटनाएं चुनाव आयोग को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में हो रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों के कारण आम यात्रियों को परेशानी हो सकती है.
बता दें कि 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने आज रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद करने का फैसला किया है. यह प्रदर्शन स्थल के 4 किलोमीटर के दायरे में लागू होगा.




