इजराइल-ईरान तनाव के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की सुरक्षा और मौजूदगी को लेकर कई तरह की अफवाहें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी ने कहा कि छोटे क्षेत्रफल के कारण इजराइल का खुफिया नेटवर्क बेहद मजबूत है और बड़े नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखना उसके लिए आसान है. उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से फैलाई जा रही कुछ खबरें मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा हो सकती हैं. विशेषज्ञ के मुताबिक, किसी बड़े नेता की मौत या घायल होने की खबर युद्ध के दौरान दुश्मन का मनोबल प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की जाती है. उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर से जुड़ी खबरों पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ दावे अभी स्पष्ट नहीं हैं. कुलकर्णी ने बताया कि इजराइल के पास मजबूत सैटेलाइट, साइबर और स्पाई नेटवर्क है, जिससे वह दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखता है. उन्होंने कहा कि युद्ध में सिर्फ हथियार ही नहीं बल्कि मनोबल और सूचना की लड़ाई भी अहम होती है. उनके अनुसार, अफवाहें भी युद्ध रणनीति का हिस्सा बन सकती हैं और दोनों पक्ष इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.