मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. इसी कड़ी में इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली मैराथन शांति वार्ता भी किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी, जिससे हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं. इस नाकाम बातचीत के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आगे क्या होगा और इसका असर किन देशों पर पड़ेगा. इस पूरे घटनाक्रम पर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) संजय कुलकर्णी ने स्टेट मिरर हिंदी से खास बातचीत में कई अहम पहलुओं पर अपनी राय रखी.