ईरान-अमेरिका युद्ध को 80 दिन से ज्यादा होने जा रहे हैं, लेकिन युद्ध अभी भी इसी स्थिति में पहुंचा हुआ है कि एक डेडलॉक बना हुआ है. ना तो अमेरिका झुकने को तैयार है, ना ही ईरान झुकने को तैयार है, लेकिन पूरे विश्व में इस वक्त खलबली मची हुई है. एक और जहां चीन के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति ने मुलाकात की है. उससे ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति और चीनी राष्ट्रपति ने मुलाकात की है. आखिर जंग का हल क्या निकलेगा? अभी जंग के क्या हालात हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की यात्रा के क्या मायने हैं? इन सब चीजों को लेकर स्टेट मिरर हिंदी ने रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी के साथ खास बातचीत की. बख्शी ने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू के पागलपन ने दुनिया की इकॉनमी (अर्थव्यवस्था) को तबाही के कगार पर खड़ा कर दिया है. इसके साथ ही, जो द ग्रेट डिप्रेशन (महामंदी) 1928 में आई थी, उसका दोबारा होने का चांस है. अर्थव्यवस्था का सर्वनाश हो जाएगा.