सिंधु जल संधि से लेकर शाहपुर कंडी बांध के निर्माण तक, भारत अब नदी के जल में अपने हिस्से का पूर्ण उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसको लेकर एकबार फिर से पाकिस्तान को मिर्ची लग सकती है. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या जल भारत और पाकिस्तान के बीच एक रणनीतिक दबाव का हथियार बन सकता है?