ईरान-इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष अब सिर्फ दो देशों की जंग नहीं रहा, बल्कि यह एक ग्लोबल इकोनॉमिक क्राइसिस बन चुका है. कच्चे तेल की कीमतें $110 के पार पहुंच चुकी हैं और भारतीय रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर संघर्ष कर रहा है. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब, रसोई के बजट और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है. इस खास चर्चा में देश के जाने-माने अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली बताते हैं कि कैसे यह जंग भारत की अर्थव्यवस्था, स्टॉक मार्केट और निवेश पर असर डाल रही है. करेंसी क्रैश, बाजार में पैनिक सेलिंग और सोना-चांदी जैसे सेफ हेवन एसेट्स में गिरावट—क्या यह किसी बड़े आर्थिक संकट का संकेत है?