वैश्विक तनाव, बढ़ते डॉलर इंडेक्स और क्रूड ऑयल की कीमतों ने सोना-चांदी के बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका की बढ़ती बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता की वजह से फिलहाल गोल्ड और सिल्वर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. हालांकि लंबे समय के नजरिए से सोना-चांदी की अंडरटोन अभी भी मजबूत मानी जा रही है. रूस द्वारा गोल्ड बेचने की खबर और तेल बाजार में संभावित संकट ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है. जानकारों के अनुसार फिलहाल बाजार में दबाव रह सकता है, लेकिन आने वाले समय में सोना-चांदी फिर से तेजी पकड़ सकते हैं, क्योंकि दुनिया में सोने का भंडार लगातार सीमित होता जा रहा है.