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जब जलती चिताओं के बीच गाजियाबाद के कपल ने लिए सात फेरे, श्मशान घाट में जयमाला की रस्म देख भड़के लोग- देखिए VIDEO

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में डेस्टिनेशन वेडिंग के नाम पर श्मशान घाट में जयमाला की रस्म कराई गई. वीडियो वायरल होने पर लोगों ने नाराजगी जताई. फिलहाल पुलिस ने रिजॉर्ट संचालक पर कार्रवाई करने की बात कही है.

जब जलती चिताओं के बीच गाजियाबाद के कपल ने लिए सात फेरे, श्मशान घाट में जयमाला की रस्म देख भड़के लोग- देखिए VIDEO
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Published on: 30 April 2026 4:58 PM

देवताओं की धरती कही जाने वाली उत्तराखंड जहां हर पहाड़, हर नदी और हर घाट अपनी एक अलग आस्था की कहानी कहता है. लेकिन इसी देवभूमि से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने लोगों को हैरान भी किया और नाराज़ भी. अल्मोड़ा के एक शांत से इलाके में, जहां आमतौर पर सन्नाटा और शोक का माहौल होता है, वहां अचानक बैंड-बाजे, सजावट और शादी की खुशियों ने जगह ले ली.

यह कहानी है अल्मोड़ा जिले के मरचूला की… जहां Ramganga River और Badanagar River के संगम के पास बने एक श्मशान घाट को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए चुना गया. गाजियाबाद से आया एक जोड़ा, करीब 50 मेहमान, तेज म्यूजिक, रंग-बिरंगी लाइट्स… और उसी जगह पर जयमाला, जहां कभी लोग अपनों को अंतिम विदाई देते हैं. यह नजारा जितना अनोखा था, उतना ही विवादित भी. बता दे कि वीडियो वायरल होने पर लोगों ने नाराजगी जताई. फिलहाल पुलिस ने रिजॉर्ट संचालक पर कार्रवाई करने की बात कही है.

श्मशान घाट पर शादी… कैसे शुरू हुई यह कहानी?

मरचूला का यह संगम स्थल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. पास के एक रिजॉर्ट में ठहरे इस जोड़े की नजर जब इस जगह पर पड़ी, तो उन्होंने इसे अपनी शादी के लिए परफेक्ट लोकेशन मान लिया. रिजॉर्ट मैनेजर राकेश शर्मा ने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी. यह कोई आम जगह नहीं, बल्कि श्मशान घाट है. लेकिन खूबसूरती के आगे यह सच हल्का पड़ गया… और फिर जो हुआ, उसने पूरे इलाके को चर्चा में ला दिया.

जब श्मशान में गूंजी शहनाई… क्या हुआ उस दिन?

रविवार का दिन… घाट को फूलों और लाइट्स से सजाया गया… तेज म्यूजिक बजा… और जयमाला की रस्म निभाई गई. जहां आमतौर पर चिता जलती है, वहां कैमरे चमक रहे थे और लोग शादी का जश्न मना रहे थे. कुछ ही देर में इस पूरे आयोजन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. जो लोग वहां नहीं थे, उन्होंने स्क्रीन पर यह नजारा देखा… और यहीं से शुरू हुआ गुस्सा, बहस और सवालों का सिलसिला.

क्यों भड़क गए लोग और क्या बोले स्थानीय लोग?

स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि आस्था पर चोट जैसा था. उनका कहना था कि श्मशान घाट सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि भावनाओं और परंपराओं से जुड़ा पवित्र स्थल है. सामाजिक कार्यकर्ता Narayan Singh Rawat ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना था कि ऐसे स्थानों की गरिमा बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है और यहां इस तरह का आयोजन करना पूरी तरह अनुचित है.

क्या यह सिर्फ विवाद है या कानून का भी मामला?

मामला सिर्फ भावनाओं तक सीमित नहीं रहा. स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया. सल्ट के तहसीलदार आबिद अली ने साफ कहा कि 'सार्वजनिक या शमशान घाट पर बिना अनुमति ऐसे आयोजन गैरकानूनी हैं.' अब वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू हो चुकी है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है.

क्या डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड बन रहा है विवाद की वजह?

पिछले कुछ सालों में Uttarakhand डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. पहाड़, नदियां और शांत वातावरण- सब कुछ एक परफेक्ट शादी के लिए आकर्षित करता है. लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है. क्या खूबसूरती के पीछे हम अपनी परंपराओं और संवेदनाओं को भूलते जा रहे हैं?

कहानी का सबक क्या है?

यह सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि एक आईना है… जो दिखाता है कि आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन कितना जरूरी है. जहां एक ओर लोग अपनी शादी को खास बनाने के लिए अनोखी जगहें चुन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ जगहें ऐसी हैं, जिन्हें सिर्फ सम्मान और शांति के लिए छोड़ा जाना चाहिए और शायद यही इस कहानी की असली सीख है—हर खूबसूरत जगह, जश्न के लिए नहीं होती… कुछ जगहें सिर्फ यादों और श्रद्धा के लिए होती हैं.

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