कहीं बवाल न हो जाए! Axis My India क्यों नहीं जारी कर रहा West Bengal Exit Poll, सावधानी या डर है वजह?
चुनावी राज्यों में वोटिंग खत्म होने के बाद एक के बाद एक राज्य के एग्जिट पोल सामने आ गए हैं. बात करें बंगाल की तो सात में पांच एग्जिट पोल में भाजपा का दबदबा है लेकिन Axis My India ने बंगाल का एग्जिट पोल जारी नहीं किया है. जिसके बाद उन्होंने इसके पीछे का कारण खुद बताया है. आइए जानते हैं...
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान पूरा होने के बाद लगभग सभी एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए. ज्यादातर सर्वे में राज्य में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान जताया गया है. लेकिन इस बीच एक बड़ी एजेंसी Axis My India ने बंगाल का एग्जिट पोल जारी ही नहीं किया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एजेंसी को यह कदम उठाना पड़ा.
इसी मुद्दे पर एजेंसी के प्रमुख प्रदीप गुप्ता ने खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि इस बार राज्य में ऐसा माहौल था, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी राय देने से बच रहे थे. यही वजह रही कि एजेंसी ने एग्जिट पोल जारी न करने का फैसला लिया, जिसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिहाज से भी अहम संकेत माना जा रहा है.
प्रदीप गुप्ता ने क्या कहा, क्यों रोका गया एग्जिट पोल?
प्रदीप गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा कि 'हमने देखा कि जब 70 से 80 प्रतिशत लोग हमसे बात करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो हमारी सैंपलिंग प्रक्रिया की पद्धति ठीक से काम नहीं कर रही है. इसलिए हमने तय किया है कि ऐसी स्थिति में पोल जारी न करना ही बेहतर होगा.” उनका कहना है कि जब इतने बड़े स्तर पर लोग सर्वे में शामिल ही नहीं हो रहे, तो आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठना तय है. ऐसे में अधूरी या संदिग्ध जानकारी के आधार पर एग्जिट पोल जारी करना सही नहीं होता.
सावधानी या डर
दरअसल आपको बता दे कि साल 2021 के विधानसभा चुनाव में Axis My India के एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा को अधिक सीट मिली थी. जिसके बाद जब असली परिणाम आया तो टीएमसी ने अपनी सरकार बनाई वहीं बात करें साल 2024 के लोकसभा चुनाव में तो इस दौरान Axis My India के एग्जिट पोल में भाजपा को ही ज्यादा सीट मिली थी ऐसे में Axis My India ट्रोल होने से बचाव भी कर रहा है तो वहीं सावधानी भी बरतना कह सकते हैं?
क्या बंगाल में वाकई डर का माहौल है?
इस सवाल पर भी उन्होंने बेबाक जवाब दिया. उन्होंने कहा कि 'वे आपको कुछ भी नहीं बताएंगे. वे कैमरा देखते ही घबरा जाते हैं और फिर परेशानी खड़ी हो सकती है... ऐसा डर का माहौल है.' इस बयान से साफ है कि आम लोग सर्वे टीम या कैमरे के सामने अपनी राजनीतिक राय जाहिर करने से डर रहे थे, जो चुनावी माहौल की गंभीरता को दिखाता है.
चुनाव के बाद हिंसा ने क्या हालात और बिगाड़े?
गुप्ता के मुताबिक, मतदान के बाद कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जिसने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया. उन्होंने कहा कि 'हर जगह झड़पें हो रही हैं, लोग घायल हो रहे हैं, और गाड़ियों पर पत्थर फेंके जा रहे हैं.' ऐसी घटनाओं ने लोगों के मन में डर और बढ़ा दिया, जिससे वे खुलकर किसी भी राजनीतिक पक्ष पर बोलने से बचते दिखे. पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 148 सीटों का जादुई आंकड़ा जरूरी होता है. इस बार का चुनाव बेहद कड़ा और दिलचस्प माना जा रहा है.




