इंदौर में दूषित पेयजल को लेकर हुआ एक तीखा टकराव अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जब एक कैबिनेट मंत्री और रिपोर्टर कैमरे के सामने आमने-सामने आ गए. गुस्से और तीखे शब्दों से भरा यह क्लिप सिर्फ एक पल का विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे छुपी थी एक लंबी और विवादों से भरी राजनीतिक यात्रा. यह कहानी है कैलाश विजयवर्गीय की- इंदौर की संकरी गलियों से निकलकर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने वाले नेता की. आपातकाल के दौर की छात्र राजनीति से लेकर नगर निगम चुनावों तक, छह बार विधायक बनने से लेकर मध्यप्रदेश की सत्ता संभालने और फिर हरियाणा व पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सियासी जमीन मजबूत करने तक का सफर. कहानी की शुरुआत होती है उसी दूषित पानी विवाद से, जहां सवाल सख्त थे और जवाब उससे भी ज्यादा तीखे. इसके बाद वक्त को पीछे मोड़ा जाता है. उस बचपन तक, जब पानी की किल्लत और नागरिक समस्याओं के बीच पला-बढ़ा एक लड़का आगे चलकर बीजेपी के सबसे बेबाक, मुखर और विवादित चेहरों में शामिल हो गया.