हाल के दिनों में ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें एक ऐप की मदद से ई-रिक्शा की बैटरी बंद (हैक) की जाती दिखाई दे रही है. यह सिर्फ मजाक या प्रैंक नहीं, बल्कि गंभीर साइबर सुरक्षा का मामला है. ई-रिक्शा का बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) अगर सुरक्षित नहीं है, तो कोई भी व्यक्ति ब्लूटूथ के जरिए उसमें बिना अनुमति के दखल दे सकता है. इससे चलते हुए ई-रिक्शा अचानक बंद हो सकते हैं, जिससे हादसे और अव्यवस्था फैलने का खतरा बढ़ जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा भी एक तरह का कंप्यूटर सिस्टम है, इसलिए इसमें अवैध तरीके से प्रवेश करना आईटी एक्ट के तहत अपराध माना जाता है. ऐसे मामलों में दोषी को 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी एआई और डिजिटल तकनीक के गलत इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदारी से तकनीक का उपयोग करने की जरूरत पर जोर दिया है.