मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को 616 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. इस नतीजे ने सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं किया, बल्कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश भाजपा नेतृत्व की चुनावी रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की हो रही है, जिनका टिकट कटने के बाद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. चुनाव परिणाम के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह बहस तेज हो गई है कि क्या दतिया में बीजेपी की हार के पीछे नरोत्तम मिश्रा फैक्टर सबसे बड़ा कारण रहा. समर्थकों की नाराजगी, संगठन की अंदरूनी खींचतान और स्थानीय समीकरणों को इस हार की बड़ी वजह बताया जा रहा है, जबकि कांग्रेस ने अपने गढ़ को बचाने में सफलता हासिल कर ली.